📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Meow
मौसम
साइकलोन मुरासु 3 नवंबर को नीलोर‑नरसपुर के बीच अंडमान तट पर करेगा लैंडफ़ॉल, रेड अलर्ट जारी
✍️ The Times of India
🗓 02 नव. 2026, 06:03 AM
👁 16
भारतीय मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है, क्योंकि साइकलोन मुरासु 3 नवंबर को नीलोर‑नरसपुर के बीच अंडमान तट पर उतरने की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग ने अंडमान तट के नीलोर‑नरसपुर क्षेत्र में साइकलोन मुरासु के संभावित लैंडफ़ॉल को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। बेम्बे में तेज़ी से विकसित होते इस चक्रवात के मॉडल संकेत देते हैं कि 3 नवंबर को यह तट के बीच में उतर सकता है।
विशेषज्ञों ने बताया है कि तेज़ हवाएँ, भारी बारिश और उच्च ज्वार के कारण तटीय क्षेत्रों में गंभीर क्षति की आशंका है। आंध्र प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है, राहत सामग्री को अग्रिम रूप से तैनात किया गया है और मछुआरों को समुद्र में रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने, संपत्ति सुरक्षित करने और यदि निकासी का आदेश जारी हो तो उसका पालन करने का आग्रह किया है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखेगा और हर घंटे अपडेट देगा।
पोस्ट‑मानसून मौसम में इस क्षेत्र में अक्सर चक्रवात आते हैं, इसलिए परिवहन, बिजली और संचार नेटवर्क में व्यवधान की संभावना को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। नागरिकों को आपातकालीन किट तैयार रखने और आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
साइकलोन के तट से उतरने के बाद रेड अलर्ट जारी रहेगा, और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर विभाग चेतावनी स्तर को घटा देगा।
विशेषज्ञों ने बताया है कि तेज़ हवाएँ, भारी बारिश और उच्च ज्वार के कारण तटीय क्षेत्रों में गंभीर क्षति की आशंका है। आंध्र प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है, राहत सामग्री को अग्रिम रूप से तैनात किया गया है और मछुआरों को समुद्र में रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को सतर्क रहने, संपत्ति सुरक्षित करने और यदि निकासी का आदेश जारी हो तो उसका पालन करने का आग्रह किया है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखेगा और हर घंटे अपडेट देगा।
पोस्ट‑मानसून मौसम में इस क्षेत्र में अक्सर चक्रवात आते हैं, इसलिए परिवहन, बिजली और संचार नेटवर्क में व्यवधान की संभावना को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। नागरिकों को आपातकालीन किट तैयार रखने और आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
साइकलोन के तट से उतरने के बाद रेड अलर्ट जारी रहेगा, और वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर विभाग चेतावनी स्तर को घटा देगा।