📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VIIRS imagery from NOAA's NOAA-20 satellite
मौसम
साइक्लोन अर्नब का मार्ग बदलता रहा, ओडिशा के पाँच जिलों पर भारी असर
✍️ Odisha TV
🗓 26 अक्टू. 2026, 09:16 PM
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मौसम विभाग ने बताया कि साइक्लोन अर्नब का मार्ग बदल रहा है, जिससे ओडिशा के पाँच जिलों में तेज़ हवाओं और भारी बारिश की संभावना है।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बन रहा साइक्लोन अर्नब लगातार अपना मार्ग बदल रहा है और पश्चिम की ओर बढ़ते हुए ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान पूर्वानुमान के अनुसार यह तूफ़ान समुद्र तट के पास पहुँचने से पहले तीव्र साइक्लोन में बदल सकता है।
ओडिशा के पाँच जिलों – जगतसिंघपुर, कटाक, भद्रक, केंद्रापड़ा और पुरी – को सबसे अधिक जोखिम वाला बताया गया है। इन क्षेत्रों में 120‑140 किमी/घंटा की तेज़ हवाएं, 200 मिमी से अधिक बारिश और समुद्र तट के निचले हिस्सों में तेज़ लहरों की आशंका है।
राज्य सरकार ने आपातकालीन टीमों को सक्रिय कर दिया है, तटीय बस्तियों में पहले से ही निकासी शुरू कर दी गई है और राहत शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा किट उपलब्ध कराए गए हैं। ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घर के अंदर रहें, आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और तूफ़ान के कमज़ोर होने तक यात्रा न करें।
IMD हर तीन घंटे में साइक्लोन अर्नब के मार्ग पर नवीनतम जानकारी जारी करेगा, और अधिकारी जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए सतर्क रहेंगे।
ओडिशा के पाँच जिलों – जगतसिंघपुर, कटाक, भद्रक, केंद्रापड़ा और पुरी – को सबसे अधिक जोखिम वाला बताया गया है। इन क्षेत्रों में 120‑140 किमी/घंटा की तेज़ हवाएं, 200 मिमी से अधिक बारिश और समुद्र तट के निचले हिस्सों में तेज़ लहरों की आशंका है।
राज्य सरकार ने आपातकालीन टीमों को सक्रिय कर दिया है, तटीय बस्तियों में पहले से ही निकासी शुरू कर दी गई है और राहत शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा किट उपलब्ध कराए गए हैं। ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घर के अंदर रहें, आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और तूफ़ान के कमज़ोर होने तक यात्रा न करें।
IMD हर तीन घंटे में साइक्लोन अर्नब के मार्ग पर नवीनतम जानकारी जारी करेगा, और अधिकारी जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए सतर्क रहेंगे।