📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VIIRS imagery from NOAA's NOAA-21 satellite
मौसम
दो चक्रवात, एक हफ्ते में: अर्नाब और मुरासु ने पूर्वी भारत को फिर से धमका
✍️ Jagran Josh
🗓 03 नव. 2026, 05:38 AM
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भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि चक्रवात अर्नाब और मुरासु पूर्वी तट को धमका रहे हैं, भारी वर्षा और तूफानी लहरों की उम्मीद है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चक्रवात अर्नाब और चक्रवात मुरासु के बढ़ते हुए खतरे के बाद संयुक्त चेतावनी जारी की है। दोनों प्रणालियों से पूर्वी तट के ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय जिलों में तेज़ हवाएँ, भारी वर्षा और महत्वपूर्ण तूफानी लहरें आने की संभावना है।
चक्रवात अर्नाब, जो वर्तमान में अंडमान सागर के दक्षिण में लगभग 300 किमी पर स्थित है, ने 120 किमी/घंटा की स्थिर हवाओं के साथ कैटेगरी 3 की तीव्रता प्राप्त कर ली है। IMD का अनुमान है कि यह अगले 48 घंटों के भीतर विजाखापटणम क्षेत्र के पास भूमि पर उतरेगा।
इस बीच, चक्रवात मुरासु, एक कैटेगरी 2 प्रणाली, तट के साथ पश्चिम की ओर बढ़ रही है। यह उसी समय आंध्र प्रदेश के तट पर लगभग 90 किमी/घंटा की हवाओं और कुछ क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक वर्षा के साथ पहुँचने की उम्मीद है।
अधिकृत अधिकारियों ने कमजोर जिलों के निवासियों को आश्रय लेने, संपत्ति सुरक्षित करने और स्थानीय रेडियो व टेलीविजन प्रसारण के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है। कई तटीय शहरों में निकासी केंद्र स्थापित किए गए हैं, और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल बचाव कार्यों में सहायता के लिए तैयार है।
चक्रवात अर्नाब, जो वर्तमान में अंडमान सागर के दक्षिण में लगभग 300 किमी पर स्थित है, ने 120 किमी/घंटा की स्थिर हवाओं के साथ कैटेगरी 3 की तीव्रता प्राप्त कर ली है। IMD का अनुमान है कि यह अगले 48 घंटों के भीतर विजाखापटणम क्षेत्र के पास भूमि पर उतरेगा।
इस बीच, चक्रवात मुरासु, एक कैटेगरी 2 प्रणाली, तट के साथ पश्चिम की ओर बढ़ रही है। यह उसी समय आंध्र प्रदेश के तट पर लगभग 90 किमी/घंटा की हवाओं और कुछ क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक वर्षा के साथ पहुँचने की उम्मीद है।
अधिकृत अधिकारियों ने कमजोर जिलों के निवासियों को आश्रय लेने, संपत्ति सुरक्षित करने और स्थानीय रेडियो व टेलीविजन प्रसारण के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है। कई तटीय शहरों में निकासी केंद्र स्थापित किए गए हैं, और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल बचाव कार्यों में सहायता के लिए तैयार है।