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राजनीति
क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1871: उपनिवेशवादी कानून जिसने समुदायों को अपराधी बना दिया
✍️ The Tribune
🗓 12 अक्टू. 2026, 10:47 AM
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क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1871, जिसे ब्रिटिश उपनिवेशवादी शासन ने लागू किया, कुछ समुदायों को 'अपराधी' घोषित कर दिया, जिससे उन पर निगरानी और प्रतिबंध लगे और पीढ़ियों तक कलंक बना रहा।
क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट 1871 को ब्रिटिश राज ने "अपराधिक प्रवृत्ति" वाले विशिष्ट जनजातीय और ग्रामीण समूहों को नियंत्रित करने के लिए लागू किया। इस कानून के तहत 22 समुदायों को "अपराधिक जनजाति" के रूप में सूचीबद्ध किया गया और उन्हें अधिकारियों के साथ पंजीकरण, पहचान पत्र रखना और अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट करना अनिवार्य था। इस अधिनियम ने पुलिस को खोज, यात्रा पर प्रतिबंध और बिना मुकदमे के हिरासत जैसी शक्तियाँ दीं। 1952 में स्वतंत्र भारत के बाद इस कानून को रद्द कर दिया गया, परंतु इसके द्वारा उत्पन्न कलंक और सामाजिक बहिष्कार आज भी उन समुदायों के वंशजों को प्रभावित करता है। इतिहासकारों का मानना है कि यह अधिनियम अपराध रोकथाम के बजाय उपनिवेशवादी नियंत्रण का एक साधन था, जिसे सार्वजनिक सुरक्षा के नाम पर लक्षित किया गया।