📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown photographer
राजनीति
नभा जेल ब्रेक के आरोपी ने मांगा वोट, पंजाब की राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि का सवाल
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 22 अग. 2026, 01:37 PM
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नभा जेल ब्रेक के आरोपी ने चुनाव में दावेदारी दर्ज कराई, जिससे पंजाब की राजनीति में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले चेहरों की सक्रियता पर सवाल उठे हैं।
नभा जेल ब्रेक के आरोपी ने पंजाब में आगामी चुनावों में दावेदारी दर्ज कराई है। इस जेल ब्रेक की जांच अभी भी पुलिस द्वारा चल रही है, जिसमें कई बंदियों की भागने की घटना शामिल है। मामले के चलने के बावजूद, आरोपी ने सार्वजनिक रूप से वोट मांगने की इच्छा जताई और राज्य की राजनीति में अपना स्थान बनाने का इरादा बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम पंजाब में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के चुनावी राजनीति में प्रवेश की प्रवृत्ति को उजागर करता है। पंजाब चुनाव आयोग ने अभी तक इस आरोपी की पात्रता पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जबकि कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि जब तक कोई दोषसिद्धि नहीं होती, तब तक आपराधिक मामला उम्मीदवार को अयोग्य नहीं बनाता।
इस विकास ने नागरिक समाज के समूहों में बहस छेड़ दी है, जो मानते हैं कि ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने देना लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कम कर सकता है। वहीं, आरोपी के समर्थकों का कहना है कि जेल ब्रेक को राजनीति के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और वह दोषी सिद्ध होने तक निरपराध है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम पंजाब में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के चुनावी राजनीति में प्रवेश की प्रवृत्ति को उजागर करता है। पंजाब चुनाव आयोग ने अभी तक इस आरोपी की पात्रता पर कोई टिप्पणी नहीं की है, जबकि कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि जब तक कोई दोषसिद्धि नहीं होती, तब तक आपराधिक मामला उम्मीदवार को अयोग्य नहीं बनाता।
इस विकास ने नागरिक समाज के समूहों में बहस छेड़ दी है, जो मानते हैं कि ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने देना लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा कम कर सकता है। वहीं, आरोपी के समर्थकों का कहना है कि जेल ब्रेक को राजनीति के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है और वह दोषी सिद्ध होने तक निरपराध है।