📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DeepanjanGhosh
राजनीति
कोर्ट ने जेएनयू उत्पीड़न मामले में मणिपुर सांसद के खिलाफ जबरन कार्रवाई को 5 नवम्बर तक रोका
✍️ The Assam Tribune
🗓 04 नव. 2026, 06:33 AM
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दिल्ली के एक कोर्ट ने मणिपुर सांसद को जेएनयू उत्पीड़न मामले में 5 नवंबर तक किसी भी जबरन कार्रवाई से बचाने का आदेश दिया है।
दिल्ली के कोर्ट ने जेएनयू उत्पीड़न मामले की सुनवाई के दौरान मणिपुर के सांसद के खिलाफ किसी भी जबरन कार्रवाई को रोकने का अंतरिम आदेश जारी किया है। यह सुरक्षा 5 नवंबर तक प्रभावी रहेगी, जिससे मामले के अंतिम निर्णय तक सांसद को अस्थायी सुरक्षा मिल सके।
स्रोत में सांसद का नाम नहीं बताया गया, लेकिन वह जेएनयू में alleged harassment से जुड़े विवाद में शामिल माना गया है। कोर्ट का यह कदम सार्वजनिक पदधारियों के खिलाफ अत्यधिक दबाव से बचाने के लिए सावधानीपूर्ण माना गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च प्रोफ़ाइल मामलों में इस तरह के अंतरिम आदेश आम होते हैं, विशेषकर जब आरोपी सार्वजनिक पद पर हो। यह आदेश बरी होने का संकेत नहीं देता, बल्कि आगे की न्यायिक जांच के दौरान स्थिति को स्थिर रखता है।
जेएनयू मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी रुचि का विषय बना हुआ है, छात्र समूह और राजनीतिक दल विकास की करीबी निगरानी कर रहे हैं। कोर्ट 5 नवंबर की सीमा से पहले आदेश की पुनः समीक्षा करेगा, जिससे सुरक्षा को बढ़ाया, बदला या समाप्त किया जा सके।
स्रोत में सांसद का नाम नहीं बताया गया, लेकिन वह जेएनयू में alleged harassment से जुड़े विवाद में शामिल माना गया है। कोर्ट का यह कदम सार्वजनिक पदधारियों के खिलाफ अत्यधिक दबाव से बचाने के लिए सावधानीपूर्ण माना गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च प्रोफ़ाइल मामलों में इस तरह के अंतरिम आदेश आम होते हैं, विशेषकर जब आरोपी सार्वजनिक पद पर हो। यह आदेश बरी होने का संकेत नहीं देता, बल्कि आगे की न्यायिक जांच के दौरान स्थिति को स्थिर रखता है।
जेएनयू मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी रुचि का विषय बना हुआ है, छात्र समूह और राजनीतिक दल विकास की करीबी निगरानी कर रहे हैं। कोर्ट 5 नवंबर की सीमा से पहले आदेश की पुनः समीक्षा करेगा, जिससे सुरक्षा को बढ़ाया, बदला या समाप्त किया जा सके।