📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael D Beckwith
ऑटोमोबाइल
अदालत ने कहा, वाहन मालिक जो यात्री के रूप में सफ़र करें, उन्हें बीमा मुआवजा मिलेगा
✍️ Live Law
🗓 16 सित. 2026, 04:31 AM
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एक हालिया फैसले में कहा गया कि वाहन के मालिक जो यात्री के रूप में सफ़र करते हैं, वे यात्रियों को कवर करने वाले पैकेज बीमा से मुआवजा ले सकते हैं।
अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि वाहन का मालिक जो यात्री के रूप में सफ़र करता है, उसे यात्रियों को कवर करने वाले पैकेज बीमा से मुआवजा मिलने का अधिकार है। यह निर्णय उस बीमा कंपनी द्वारा दावे को अस्वीकार करने के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि मालिक‑यात्री को कवरेज नहीं दिया जा सकता।
विचार‑विमर्श के दौरान न्यायालय ने यह देखा कि अधिकांश पैकेज पॉलिसियों में शब्दावली यह दर्शाती है कि बीमा किसी भी व्यक्ति को कवर करता है जो बीमित वाहन में यात्रा करता है, चाहे वह वाहन का मालिक हो या नहीं। इस आधार पर अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी को दावे को स्वीकार करना चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बीमा अनुबंधों में समानता के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है और उपभोक्ता संरक्षण के नियमों के अनुरूप है। अब बीमा कंपनियों को अपने दावे‑प्रक्रिया नियमों को इस व्याख्या के अनुसार संशोधित करना पड़ेगा।
अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि यात्रियों के कवरेज का उद्देश्य सभी सवारों की सुरक्षा है, न कि केवल बाहरी यात्रियों की। इसलिए पॉलिसीधारकों को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
बीमा संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि इससे बीमा बाजार में स्पष्टता आएगी और समान विवादों में मुकदमों की संख्या घटेगी।
विचार‑विमर्श के दौरान न्यायालय ने यह देखा कि अधिकांश पैकेज पॉलिसियों में शब्दावली यह दर्शाती है कि बीमा किसी भी व्यक्ति को कवर करता है जो बीमित वाहन में यात्रा करता है, चाहे वह वाहन का मालिक हो या नहीं। इस आधार पर अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी को दावे को स्वीकार करना चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बीमा अनुबंधों में समानता के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है और उपभोक्ता संरक्षण के नियमों के अनुरूप है। अब बीमा कंपनियों को अपने दावे‑प्रक्रिया नियमों को इस व्याख्या के अनुसार संशोधित करना पड़ेगा।
अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि यात्रियों के कवरेज का उद्देश्य सभी सवारों की सुरक्षा है, न कि केवल बाहरी यात्रियों की। इसलिए पॉलिसीधारकों को अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
बीमा संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि इससे बीमा बाजार में स्पष्टता आएगी और समान विवादों में मुकदमों की संख्या घटेगी।