📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Social Justice and Empowerment
नौकरी
न्यायालय ने फैसला दिया: प्रॉबेशनर भी RPwD अधिनियम के तहत कर्मचारी, विकलांगता के कारण बर्खास्तगी अवैध
✍️ livelaw.in
🗓 04 अग. 2026, 01:18 PM
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हाल ही में एक कानूनी निर्णय ने स्पष्ट किया कि प्रॉबेशनर भी RPwD अधिनियम के तहत कर्मचारी माना जाता है और प्रॉबेशन के दौरान विकलांगता प्राप्त करने पर उन्हें बर्खास्त नहीं किया जा सकता।
हाल ही में एक निर्णय में, एक न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रॉबेशनर भी RPwD अधिनियम के तहत कर्मचारी माना जाता है और प्रॉबेशन के दौरान विकलांगता प्राप्त करने पर उन्हें बर्खास्त नहीं किया जा सकता।
यह निर्णय यह पुनः पुष्टि करता है कि RPwD अधिनियम सभी कर्मचारियों पर लागू होता है, जिसमें प्रॉबेशन पर रहने वाले भी शामिल हैं, और विकलांगता के आधार पर भेदभाव से उन्हें सुरक्षा मिलती है।
नियोक्ताओं को अब अपने बर्खास्तगी नीतियों को अधिनियम के अनुरूप सुनिश्चित करना होगा, और प्रॉबेशन के दौरान विकलांगता विकसित करने वाले कर्मचारियों को सामान्य कर्मचारियों के समान संरक्षण का अधिकार है।
यह निर्णय यह पुनः पुष्टि करता है कि RPwD अधिनियम सभी कर्मचारियों पर लागू होता है, जिसमें प्रॉबेशन पर रहने वाले भी शामिल हैं, और विकलांगता के आधार पर भेदभाव से उन्हें सुरक्षा मिलती है।
नियोक्ताओं को अब अपने बर्खास्तगी नीतियों को अधिनियम के अनुरूप सुनिश्चित करना होगा, और प्रॉबेशन के दौरान विकलांगता विकसित करने वाले कर्मचारियों को सामान्य कर्मचारियों के समान संरक्षण का अधिकार है।