🔥 ट्रेंडिंग બોટાદમાં ગુજરાત રાજ્ય સંસ્કૃત બોર્ડના... अरुणाचल प्रदेश में 19 तस्कर बच्चों को... सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तरु तालो को... जम्मू-कश्मीर के मंत्री ने पाँच मेडिकल... ओमर अब्दुल्ला ने कहा, जम्मू-कश्मीर सरक... जम्मू-कश्मीर में भालू के हमले से 45 वर...
26 अग. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
विवाहित बेटियों को दया नियुक्ति से वंचित, बेटे को मिलती है: न्यायालय में सवाल
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamlesh.legalaid
नौकरी

विवाहित बेटियों को दया नियुक्ति से वंचित, बेटे को मिलती है: न्यायालय में सवाल

✍️ Live Law 🗓 25 अग. 2026, 10:36 PM 👁 4
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

एक हालिया याचिका ने विवाहित बेटियों को दया नियुक्ति से वंचित कर बेटे को नियुक्ति देने की प्रथा को लैंगिक भेदभाव बताकर चुनौती दी है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि विवाहित बेटियों को दया नियुक्ति से वंचित किया जा रहा है, जबकि उसी परिवार के विवाहित बेटों को यह सुविधा मिल रही है। दया नियुक्ति वह प्रावधान है जो मृत सरकारी कर्मचारी के रिश्तेदारों को खाली पद पर नियुक्त करके आर्थिक राहत प्रदान करता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस नियम का लिंग‑आधारित चयन संविधान के समानता सिद्धांत और सेवा नियमों का उल्लंघन करता है।

याचिका में हाल ही में हुए कई मामलों का हवाला दिया गया है, जहाँ बेटियों को वैवाहिक स्थिति के कारण अस्वीकार किया गया, जबकि बेटों को बिना किसी जांच के नियुक्त किया गया। यह न्यायालय से दया नियुक्ति को लिंग के बिना समान रूप से लागू करने का निर्देश तथा भविष्य में भेदभाव रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध करती है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि दया नियुक्ति पहले से ही विवादास्पद रही है, लेकिन इस चुनौती से केंद्र और राज्य सेवाओं में लिंग‑निरपेक्ष कार्यान्वयन का मिसाल स्थापित हो सकता है। अदालत अगले हफ्तों में मौखिक तर्क सुनने की संभावना रखती है, और इसका निर्णय देश भर में लंबित कई नियुक्तियों को प्रभावित कर सकता है।
📲Get App