📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nicholas (Nichalp)
अपराध
कोर्ट ने मुंबई पुलिस पर अनमोल बिश्नोई की हिरासत के प्रयासों पर आलोचना की
✍️ Awaz The Voice
🗓 06 अग. 2026, 02:48 AM
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एक मुंबई न्यायालय ने अनमोल बिश्नोई की हिरासत के दौरान पुलिस के कार्यों पर आलोचना की, जिसमें प्रक्रियागत त्रुटियों और समन्वय की कमी को दर्शाया गया। यह निर्णय शहर में कानून‑व्यवस्था के अभ्यास पर चिंताएँ उजागर करता है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने अनमोल बिश्नोई की हिरासत के दौरान पुलिस के कार्यों पर कड़ी आलोचना की, जो सार्वजनिक निगरानी का विषय रहा है।
न्यायाधीशों ने बताया कि पुलिस ने निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर संदिग्ध को हिरासत में लेने में विफल रही और उचित प्रक्रियागत प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय की कमी पर भी प्रकाश डाला।
आदेश में, न्यायालय ने पुलिस को भविष्य में इसी तरह की त्रुटियों से बचने के लिए अपनी हिरासत प्रक्रियाओं की समीक्षा और संशोधन करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, 48 घंटे के भीतर घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।
यह आलोचना महाराष्ट्र में पुलिस जवाबदेही के बढ़ते चिंताओं के बीच आई है। कानून‑व्यवस्था के अधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायालय के निर्देशों पर शीघ्रता से कार्यवाही करें।
न्यायाधीशों ने बताया कि पुलिस ने निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर संदिग्ध को हिरासत में लेने में विफल रही और उचित प्रक्रियागत प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय की कमी पर भी प्रकाश डाला।
आदेश में, न्यायालय ने पुलिस को भविष्य में इसी तरह की त्रुटियों से बचने के लिए अपनी हिरासत प्रक्रियाओं की समीक्षा और संशोधन करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, 48 घंटे के भीतर घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया।
यह आलोचना महाराष्ट्र में पुलिस जवाबदेही के बढ़ते चिंताओं के बीच आई है। कानून‑व्यवस्था के अधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायालय के निर्देशों पर शीघ्रता से कार्यवाही करें।