📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daneellis114
राजनीति
अमृतसर सिविल लाइन थाने के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, पूर्व चेयरमैन दिनेश बासी की हिरासत पर
✍️ Amar Ujala · Amritsar
🗓 05 अक्टू. 2026, 05:14 PM
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अमृतसर के सिविल लाइन थाने के बाहर प्रदर्शन किया, पूर्व चेयरमैन दिनेश बासी की हिरासत के बाद उनकी रिहाई की मांग की।
गुरुवार को कांग्रेस के कई कार्यकर्ता अमृतसर के सिविल लाइन थाने के बाहर इकट्ठा हुए, बैनर लेकर और नारे लगाते हुए पूर्व चेयरमैन दिनेश बासी की हालिया हिरासत का विरोध किया। उन्होंने बासी की त्वरित रिहाई की मांग की और आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।
थाने के अधिकारियों ने बताया कि बासी को उसी दिन कुछ अनिर्दिष्ट आरोपों के तहत हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिये उपस्थिति दर्ज की, और प्रदर्शनकारियों में कोई हिंसा या गिरफ़्तारी की सूचना नहीं मिली।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस कदम की निंदा की, इसे आगामी स्थानीय चुनावों से पहले पार्टी के सदस्यों को डराने की कोशिश बताया। उन्होंने अधिकारियों से बासी की हिरासत के कारणों को स्पष्ट करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।
पूर्व चेयरमैन दिनेश बासी, जो पंजाब राजनीति में अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं, की अचानक गिरफ्तारी ने पार्टी और राज्य प्रशासन के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल पर सवाल उठे हैं।
प्रदर्शन कई घंटों तक जारी रहा, लेकिन पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की समीक्षा का आश्वासन मिलने के बाद भीड़ शांति से हट गई।
थाने के अधिकारियों ने बताया कि बासी को उसी दिन कुछ अनिर्दिष्ट आरोपों के तहत हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिये उपस्थिति दर्ज की, और प्रदर्शनकारियों में कोई हिंसा या गिरफ़्तारी की सूचना नहीं मिली।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस कदम की निंदा की, इसे आगामी स्थानीय चुनावों से पहले पार्टी के सदस्यों को डराने की कोशिश बताया। उन्होंने अधिकारियों से बासी की हिरासत के कारणों को स्पष्ट करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने का आग्रह किया।
पूर्व चेयरमैन दिनेश बासी, जो पंजाब राजनीति में अपने सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं, की अचानक गिरफ्तारी ने पार्टी और राज्य प्रशासन के बीच तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल पर सवाल उठे हैं।
प्रदर्शन कई घंटों तक जारी रहा, लेकिन पुलिस द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की समीक्षा का आश्वासन मिलने के बाद भीड़ शांति से हट गई।