📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Imran Saeed from City of London, Canada
राजनीति
कांग्रेस ने पूनच और राजौरी में वर्षा-जनित क्षति को प्राकृतिक आपदा घोषित किया
✍️ Daily Excelsior
🗓 26 जुल. 2026, 08:06 PM
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जम्मू और कश्मीर के पूनच और राजौरी जिलों में हालिया वर्षा से हुई क्षति को प्राकृतिक आपदा घोषित किया, राहत कार्यों के लिए अधिकारियों से अपील की।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर के पूनच और राजौरी जिलों में भारी वर्षा से हुई व्यापक क्षति को प्राकृतिक आपदा माना जाए। पार्टी का बयान, जो नई दिल्ली के मुख्यालय से जारी किया गया, राज्य सरकार से क्षेत्र को आपदा क्षेत्र घोषित करने और आपातकालीन राहत तंत्र सक्रिय करने का आग्रह करता है।
स्थानीय अधिकारियों की रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ ने दर्जनों घरों को नष्ट कर दिया है, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है और दोनों जिलों में परिवहन मार्गों को बाधित किया है। कई गांव मुख्य सड़कों से अलग हो गए हैं, और कृषि भूमि पर भी भारी नुकसान हुआ है।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने प्रतिक्रिया स्वरूप प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन दल और राहत सामग्री सहित अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का वादा किया है। उन्होंने उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों से निवासियों को हटाने और अस्थायी शरणस्थलों की स्थापना का भी आह्वान किया है।
कांग्रेस के नेताओं ने जोर देकर कहा कि इस घटना को प्राकृतिक आपदा घोषित करने से केंद्रीय सरकार के फंड खुलेंगे और पुनर्निर्माण प्रयास तेज़ होंगे। उन्होंने जनता से राहत कार्यों में सहयोग करने और किसी भी चल रही खतरों की सूचना अधिकारियों को देने का आग्रह किया।
स्थानीय अधिकारियों की रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ ने दर्जनों घरों को नष्ट कर दिया है, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है और दोनों जिलों में परिवहन मार्गों को बाधित किया है। कई गांव मुख्य सड़कों से अलग हो गए हैं, और कृषि भूमि पर भी भारी नुकसान हुआ है।
जम्मू और कश्मीर सरकार ने प्रतिक्रिया स्वरूप प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन दल और राहत सामग्री सहित अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का वादा किया है। उन्होंने उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों से निवासियों को हटाने और अस्थायी शरणस्थलों की स्थापना का भी आह्वान किया है।
कांग्रेस के नेताओं ने जोर देकर कहा कि इस घटना को प्राकृतिक आपदा घोषित करने से केंद्रीय सरकार के फंड खुलेंगे और पुनर्निर्माण प्रयास तेज़ होंगे। उन्होंने जनता से राहत कार्यों में सहयोग करने और किसी भी चल रही खतरों की सूचना अधिकारियों को देने का आग्रह किया।