📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Trade Organization
विदेश
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल का 24 अगस्त से तीन‑देशीय दक्षिण अमेरिकी व्यापार दौरा
✍️ NDTV Profit
🗓 24 अग. 2026, 07:52 AM
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वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल 24 अगस्त से दक्षिण अमेरिका के तीन देशों की यात्रा शुरू करेंगे, जिसका उद्देश्य व्यापार व निवेश संबंधों को सुदृढ़ करना है।
नई दिल्ली – वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल 24 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दक्षिण अमेरिकी देशों की उच्च‑स्तरीय व्यापार यात्रा पर निकलेंगे। यह दौरा भारत के निर्यात बाजारों को विविधीकृत करने और क्षेत्र से विदेशी निवेश आकर्षित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
यात्रा के दौरान, सचिव वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार मंडलों और संभावित निवेशकों से मुलाकात करेंगे ताकि कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की पहचान की जा सके। मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा और नए ढांचों पर बातचीत भी इस दौरे का मुख्य उद्देश्य रहेगा, जिससे व्यापार मात्रा में वृद्धि की उम्मीद है।
यह पहल भारत की दक्षिण अमेरिकी उभरते बाजारों के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने की रणनीतिक दिशा को दर्शाती है, जो अफ्रीका और दक्षिण‑पूर्व एशिया में चल रही समान पहलों के साथ तालमेल रखती है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के परिणामों को कैबिनेट को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे आगे की नीति‑निर्धारण में मदद मिलेगी।
यात्रा कार्यक्रम पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है, परन्तु तीन चयनित देशों की राजधानियों में बैठकें होंगी, जहाँ भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मिशन का लक्ष्य भविष्य में और अधिक व्यापार प्रतिनिधिमंडलों और संयुक्त उद्यमों की नींव रखना है।
यात्रा के दौरान, सचिव वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार मंडलों और संभावित निवेशकों से मुलाकात करेंगे ताकि कृषि, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की पहचान की जा सके। मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा और नए ढांचों पर बातचीत भी इस दौरे का मुख्य उद्देश्य रहेगा, जिससे व्यापार मात्रा में वृद्धि की उम्मीद है।
यह पहल भारत की दक्षिण अमेरिकी उभरते बाजारों के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने की रणनीतिक दिशा को दर्शाती है, जो अफ्रीका और दक्षिण‑पूर्व एशिया में चल रही समान पहलों के साथ तालमेल रखती है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के परिणामों को कैबिनेट को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे आगे की नीति‑निर्धारण में मदद मिलेगी।
यात्रा कार्यक्रम पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है, परन्तु तीन चयनित देशों की राजधानियों में बैठकें होंगी, जहाँ भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मिशन का लक्ष्य भविष्य में और अधिक व्यापार प्रतिनिधिमंडलों और संयुक्त उद्यमों की नींव रखना है।