📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
कॉमेडियन सुनील पाल ने सलमान खान को ‘शर्मिंदा’ कहा, ‘हनुमान अंश’ ने कमाए ₹500 करोड़
✍️ Hindustan Times
🗓 25 सित. 2026, 03:34 AM
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कॉमेडियन सुनील पाल ने सलमान खान की आलोचना की, कहा कि ‘हनुमान अंश’ ने ₹500 करोड़ कमाए जबकि खान की हालिया फ़िल्में ₹50 करोड़ से नीचे ही रही हैं।
कॉमेडियन सुनील पाल ने बॉलीवुड के बड़े सितारे सलमान खान की बॉक्स‑ऑफ़ प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें शर्मिंदा होना चाहिए। पाल ने हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म "हनुमान अंश" का उल्लेख किया, जिसके बॉक्स‑ऑफ़ कलेक्शन ₹500 करोड़ तक पहुँच गया है।
उन्होंने इस आंकड़े की तुलना खान की हालिया फ़िल्मों से की, जिनकी कमाई अभी तक ₹50 करोड़ तक नहीं पहुँची है। पाल ने इस अंतर को स्पष्ट शब्दों में बताया, जिससे दर्शकों में चर्चा छिड़ गई।
इन टिप्पणियों पर सोशल मीडिया में तीव्र प्रतिक्रिया आई, जहाँ प्रशंसकों और उद्योग विशेषज्ञों ने स्टार पावर बनाम वास्तविक बॉक्स‑ऑफ़ रिवेन्यू के महत्व पर बहस की। अब तक सलमान खान या उनके प्रतिनिधियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
विश्लेषकों का कहना है कि "हनुमान अंश" ने पौराणिक विषय को अपनाकर व्यापक दर्शकों को आकर्षित किया, जबकि खान की फ़िल्में अभी भी उनके व्यक्तिगत ब्रांड पर निर्भर हैं। यह विवाद भारतीय सिनेमा में बदलती दर्शक पसंदों की व्यापक चर्चा को उजागर करता है।
यह घटना बॉलीवुड के कई सार्वजनिक टकरावों में एक नई कड़ी जोड़ती है, जो उद्योग की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।
उन्होंने इस आंकड़े की तुलना खान की हालिया फ़िल्मों से की, जिनकी कमाई अभी तक ₹50 करोड़ तक नहीं पहुँची है। पाल ने इस अंतर को स्पष्ट शब्दों में बताया, जिससे दर्शकों में चर्चा छिड़ गई।
इन टिप्पणियों पर सोशल मीडिया में तीव्र प्रतिक्रिया आई, जहाँ प्रशंसकों और उद्योग विशेषज्ञों ने स्टार पावर बनाम वास्तविक बॉक्स‑ऑफ़ रिवेन्यू के महत्व पर बहस की। अब तक सलमान खान या उनके प्रतिनिधियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
विश्लेषकों का कहना है कि "हनुमान अंश" ने पौराणिक विषय को अपनाकर व्यापक दर्शकों को आकर्षित किया, जबकि खान की फ़िल्में अभी भी उनके व्यक्तिगत ब्रांड पर निर्भर हैं। यह विवाद भारतीय सिनेमा में बदलती दर्शक पसंदों की व्यापक चर्चा को उजागर करता है।
यह घटना बॉलीवुड के कई सार्वजनिक टकरावों में एक नई कड़ी जोड़ती है, जो उद्योग की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।