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01 नव. 2026•
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कॉक्सकॉम्ब फूल: कश्मीरी वज़वान का लाल रंग
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maina Tudu
खानपान

कॉक्सकॉम्ब फूल: कश्मीरी वज़वान का लाल रंग

✍️ The Hindu 🗓 01 नव. 2026, 08:25 AM 👁 18
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सूर्य‑सुखाए कॉक्सकॉम्ब के पंखुड़ी कश्मीरी व्यंजनों को गहरा लाल रंग देती हैं और वज़वान में अनिवार्य सामग्री हैं।

कॉक्सकॉम्ब फूल, जो कश्मीर घाटी का मूल निवासी है, लंबे समय से क्षेत्र की पाक परम्परा में समाया हुआ है। स्थानीय रूप से इसे ‘शबनम’ कहा जाता है और इसकी चमकीली लाल पंखुड़ियों को भोजन में रंग भरने के लिए अत्यधिक महत्व दिया जाता है।

गर्मियों में एकत्रित पंखुड़ियों को धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें साल भर उपयोग के लिए संरक्षित किया जा सके। सूखने के बाद इन्हें हवादार बर्तनों में रखकर ठंडे मौसम में भी उपलब्ध रखा जाता है।

कश्मीरी व्यंजनों में सूखी पंखुड़ियों को बारीक पाउडर में पीसा जाता है और ग्रेवी, चावल तथा मांस की तैयारियों में मिलाया जाता है। उनका सबसे प्रमुख प्रयोग वज़वान में होता है, जो कश्मीर की बहु‑कोर्सीय दावत है। इस लाल रंग से न केवल दृश्य आकर्षण बढ़ता है, बल्कि हल्का मिट्टी‑जैसा स्वाद भी मिलता है, जिसे रसोइये अनिवार्य मानते हैं।

साल भर उपलब्ध रहने के कारण यह सामग्री कश्मीरी खाने को लगातार वही गहरा लाल रंग देती रहती है, जिससे इस क्षेत्र की पाक पहचान ऐतिहासिक और जीवंत बनी रहती है।
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