📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
राजनीति
सीएम साई ने छत्तीसगढ़ में टडोकी‑रोघाट और अभनपुर‑कुरुड़ रेल लाइन का उद्घाटन किया
✍️ Swarajya
🗓 20 अक्टू. 2026, 09:16 PM
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मुख्य मंत्री साई ने आज टडोकी‑रोघाट और अभनपुर‑कुरुड़ रेल सेक्शन का आधिकारिक उद्घाटन किया, जिससे छत्तीसगढ़ की रेल बुनियादी ढाँचा में नया अध्याय शुरू हुआ।
मुख्य मंत्री साई ने आज छत्तीसगढ़ में दो नई रेलवे सेक्शन – टडोकी‑रोघाट और अभनपुर‑कुरुड़ – के उद्घाटन समारोह का संचालन किया। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की दूरस्थ और औद्योगिक क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
टडोकी‑रोघाट लाइन खनिज‑समृद्ध क्षेत्रों को प्रमुख माल मार्गों से जोड़ने की संभावना रखती है, जबकि अभनपुर‑कुरुड़ लाइन राजधानी क्षेत्र और आसपास के जिलों के बीच यात्रियों की पहुंच को सुदृढ़ करेगी। दोनों परियोजनाएँ राज्य की आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करने और यात्रियों के यात्रा समय को कम करने के व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि नई लाइनों को भारतीय रेलवे द्वारा संचालित मौजूदा नेटवर्क में एकीकृत किया जाएगा, जिससे माल और लोगों की आवाज़ाही में सुगमता आएगी। उद्घाटन में झंडा फहराना और मुख्य मंत्री का संक्षिप्त भाषण भी शामिल था, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय विकास में रेल बुनियादी ढाँचे की भूमिका पर बल दिया।
इन दो सेक्शन के निर्माण में कई महीने लगे हैं, जिसमें राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच समन्वय शामिल रहा। समारोह में आगे की समय‑सीमा या अतिरिक्त विस्तार के बारे में कोई नई जानकारी नहीं दी गई।
टडोकी‑रोघाट लाइन खनिज‑समृद्ध क्षेत्रों को प्रमुख माल मार्गों से जोड़ने की संभावना रखती है, जबकि अभनपुर‑कुरुड़ लाइन राजधानी क्षेत्र और आसपास के जिलों के बीच यात्रियों की पहुंच को सुदृढ़ करेगी। दोनों परियोजनाएँ राज्य की आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करने और यात्रियों के यात्रा समय को कम करने के व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि नई लाइनों को भारतीय रेलवे द्वारा संचालित मौजूदा नेटवर्क में एकीकृत किया जाएगा, जिससे माल और लोगों की आवाज़ाही में सुगमता आएगी। उद्घाटन में झंडा फहराना और मुख्य मंत्री का संक्षिप्त भाषण भी शामिल था, जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय विकास में रेल बुनियादी ढाँचे की भूमिका पर बल दिया।
इन दो सेक्शन के निर्माण में कई महीने लगे हैं, जिसमें राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच समन्वय शामिल रहा। समारोह में आगे की समय‑सीमा या अतिरिक्त विस्तार के बारे में कोई नई जानकारी नहीं दी गई।