📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President Office, Government of India
राजनीति
सीएम पेमा खांडू ने नई दिल्ली में नीति आयोग की अरुणाचल त्रयी का शुभारंभ किया
✍️ Northeast Today
🗓 10 अक्टू. 2026, 04:33 AM
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अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा तैयार की गई अरुणाचल त्रयी के विमोचन में भाग लिया, जो राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (नॉर्थईस्ट टुडे) – अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राजधानी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया, जहाँ नीति आयोग ने "अरुणाचल त्रयी" नामक नीति‑दस्तावेज़ श्रृंखला का विमोचन किया। यह त्रयी राज्य के सामाजिक‑आर्थिक विकास, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन, पर्यटन को बढ़ावा और सतत आजीविका पहलों पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय थिंक‑टैंक और राज्य सरकार के बीच सहयोग की सराहना की, यह कहते हुए कि इन सिफ़ारिशों से भविष्य के निवेश को दिशा मिलेगी और अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ जिलों में जीवन स्तर में सुधार होगा। उन्होंने विशेष रूप से कनेक्टिविटी की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
निति आयोग के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए और राज्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा नागरिक समाज के सदस्यों को कार्यान्वयन में सहयोग देने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय विकास योजना में अधिक सम्मिलित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अरुणाचल त्रयी की समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी, और प्रगति रिपोर्ट राज्य तथा केंद्र दोनों को भेजी जाएगी। हितधारकों को उम्मीद है कि इस नीति ढाँचे से अतिरिक्त फंडिंग और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।
समारोह के अंत में फोटो‑ऑप हुआ और मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के साथ मिलकर इन सिफ़ारिशों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय थिंक‑टैंक और राज्य सरकार के बीच सहयोग की सराहना की, यह कहते हुए कि इन सिफ़ारिशों से भविष्य के निवेश को दिशा मिलेगी और अरुणाचल प्रदेश के दूरस्थ जिलों में जीवन स्तर में सुधार होगा। उन्होंने विशेष रूप से कनेक्टिविटी की समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
निति आयोग के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए और राज्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा नागरिक समाज के सदस्यों को कार्यान्वयन में सहयोग देने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय विकास योजना में अधिक सम्मिलित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अरुणाचल त्रयी की समय‑समय पर समीक्षा की जाएगी, और प्रगति रिपोर्ट राज्य तथा केंद्र दोनों को भेजी जाएगी। हितधारकों को उम्मीद है कि इस नीति ढाँचे से अतिरिक्त फंडिंग और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी।
समारोह के अंत में फोटो‑ऑप हुआ और मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के साथ मिलकर इन सिफ़ारिशों को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने का संकल्प लिया।