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धर्म
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा करम पूजा में छाय जनजाति का प्रकृति और भाईचारे का बंधन
✍️ India Today NE
🗓 23 सित. 2026, 04:02 AM
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असम के मुख्यमंत्री ने छाय जनजाति की करम पूजा की सराहना की, कहा यह प्रकृति और भाईचारे के गहरे संबंध को दर्शाती है।
असम में छाय जनजाति ने करम पूजा का आयोजन किया, जो वनदेवता की पूजा और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को मान्यता देता है। इस समारोह में लोकगीत, नृत्य और पवित्र शाखाओं का अर्पण शामिल था, जिसमें कई गाँवों के लोग भाग ले रहे थे।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उपस्थित लोगों को संबोधित कर कहा कि यह पूजा जनजाति के प्रकृति से बंधन और भाईचारे की भावना को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने उनके सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की सराहना की।
आयोजकों ने बताया कि करम पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सतत जीवन शैली की याद दिलाती है, जिससे युवा पीढ़ी को उन वन पारिस्थितिक तंत्रों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया जाता है जो उनके जीवनयापन का आधार हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य की जनजातीय परम्पराओं और पर्यावरण संरक्षण के समर्थन को दोहराया।
समारोह का समापन सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिसने एकता और साझा जिम्मेदारी के संदेश को और मजबूत किया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उपस्थित लोगों को संबोधित कर कहा कि यह पूजा जनजाति के प्रकृति से बंधन और भाईचारे की भावना को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। उन्होंने उनके सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की सराहना की।
आयोजकों ने बताया कि करम पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सतत जीवन शैली की याद दिलाती है, जिससे युवा पीढ़ी को उन वन पारिस्थितिक तंत्रों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया जाता है जो उनके जीवनयापन का आधार हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान ने राज्य की जनजातीय परम्पराओं और पर्यावरण संरक्षण के समर्थन को दोहराया।
समारोह का समापन सामुदायिक भोज के साथ हुआ, जिसने एकता और साझा जिम्मेदारी के संदेश को और मजबूत किया।