📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jodmar at English Wikipedia
राजनीति
CM अशोक गहलोत के बयान पर रजस्थानी बोर्ड गठन में ब्यूरोक्रेसी को मिला दबाव
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 17 सित. 2026, 01:31 PM
👁 11
राजस्थान के निकाय चुनाव के बाद, सीएम अशोक गहलोत के एक CMO अधिकारी पर इशारे ने बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक बहस को तेज़ कर दिया है।
राज्य के निकाय चुनाव समाप्त हो चुके हैं और अब उन चुने हुए प्रतिनिधियों की निगरानी के लिए चुनाव बोर्डों का गठन किया जाना है। यह कार्य सामान्यतः मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा किया जाता है, परंतु सीएम के सार्वजनिक बयान के बाद यह मुद्दा विवाद का केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिया कि CMO से जुड़े एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बोर्ड गठन के निर्णयों को प्रभावित करने के लिए दबाव में रखा जा रहा है। अधिकारी का नाम नहीं बताया गया, परंतु इस इशारे ने प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप की चिंता को बढ़ा दिया है।
विपक्षी दल, विशेषकर भाजपा, ने इस टिप्पणी का फायदा उठाते हुए कहा कि ruling party बोर्डों की संरचना को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पारदर्शी और योग्यता‑आधारित चयन प्रक्रिया की माँग की और किसी भी प्रकार के दबाव की जाँच की मांग की।
CMO ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और संबंधित आईएएस अधिकारी ने भी कोई टिप्पणी नहीं की है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सामान्य प्रक्रियाएँ जारी हैं, परंतु इस विवाद ने चुनाव के बाद की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निगरानी को तीव्र कर दिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दिया कि CMO से जुड़े एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बोर्ड गठन के निर्णयों को प्रभावित करने के लिए दबाव में रखा जा रहा है। अधिकारी का नाम नहीं बताया गया, परंतु इस इशारे ने प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप की चिंता को बढ़ा दिया है।
विपक्षी दल, विशेषकर भाजपा, ने इस टिप्पणी का फायदा उठाते हुए कहा कि ruling party बोर्डों की संरचना को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पारदर्शी और योग्यता‑आधारित चयन प्रक्रिया की माँग की और किसी भी प्रकार के दबाव की जाँच की मांग की।
CMO ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और संबंधित आईएएस अधिकारी ने भी कोई टिप्पणी नहीं की है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सामान्य प्रक्रियाएँ जारी हैं, परंतु इस विवाद ने चुनाव के बाद की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर निगरानी को तीव्र कर दिया है।