🔥 ट्रेंडिंग বাংলাদেশে পাচারের সন্দেহ! সীমান্তের কা... কলকাতায় শুরু হবে ‘গণতন্ত্র বাঁচাও, অর... পুরুলিয়া জেলার বঙ্গভুক্তি দিবস উদযাপন... जयपुर में लकड़ी के गोदाम में लगी तीव्र... सरपंच कि गुंडागर्दी पंजाब पुलिस ने बाबा कश्मीर गिरी को नशे...
01 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जलवायु परिवर्तन से असम की चाय उद्योग में श्रम संकट
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Drashokk
कृषि

जलवायु परिवर्तन से असम की चाय उद्योग में श्रम संकट

✍️ DW.com 🗓 01 नव. 2026, 06:31 PM 👁 22
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

बढ़ते तापमान और अनियमित बारिश से मौसमी श्रमिकों की कमी हो रही है, जिससे असम की चाय उत्पादन पर असर पड़ रहा है।

असम में चाय उद्योग, जो भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक क्षेत्र है, जलवायु परिवर्तन के कारण श्रमिकों की कमी का सामना कर रहा है। मौसमी प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर बागानों को समय पर छंटाई और प्रसंस्करण के लिए आवश्यक कार्यबल जुटाने में कठिनाई हो रही है।
अनियमित मानसून, तेज़ गर्मी और बदलते मौसम ने कृषि कैलेंडर को बाधित कर दिया है, जिससे पड़ोसी राज्यों के कामगार असम में काम करने से हिचकिचा रहे हैं। कई श्रमिक स्वास्थ्य जोखिम और कम आय के कारण अन्य रोजगार की तलाश में हैं।
चाय बागानियों ने चेतावनी दी है कि यह कमी फसल की मात्रा को घटा सकती है और चाय की कीमतों को बढ़ा सकती है, जिससे घरेलू आपूर्ति और निर्यात दोनों पर असर पड़ेगा। इसके जवाब में कुछ बागानों ने मशीन‑आधारित छंटाई और बेहतर वेतन या आवास सुविधाएँ प्रदान करके कर्मचारियों को बनाए रखने की कोशिश की है।
उद्योग संगठनों और राज्य सरकार ने स्थिति को नज़र में रखते हुए जलवायु अनुकूलन उपायों और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की बात कही है, ताकि दीर्घकालिक रूप से चाय कार्यबल को स्थिर रखा जा सके।
📲Get App