📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rajks1997
शिक्षा
औरंगाबाद शिक्षा कार्यालय में क्लर्क ने बनायी़ँ डीईओ की भूमिका, फर्जी आदेश जारी, आरडीडीई ने किया निलंबन
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 11 अक्टू. 2026, 03:46 PM
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औरंगाबाद के शिक्षा विभाग में एक निम्नस्तरीय क्लर्क ने खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी बना कर फर्जी हस्ताक्षर किए और आदेश जारी किए, जिसके बाद आरडीडीई ने उसे निलंबित कर दिया।
बिहार के औरंगाबाद जिले में शिक्षा विभाग के एक निम्नस्तरीय क्लर्क ने बिना किसी आधिकारिक नियुक्ति के खुद को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) बना लिया, जिससे विभागीय प्रक्रिया में गंभीर खामियां उत्पन्न हुईं।
जांच के अनुसार, क्लर्क ने कई दस्तावेजों पर डीईओ के फर्जी हस्ताक्षर किए और उनके नाम से कई आदेश जारी किए। ये अनधिकृत कार्य शिक्षा कार्यालय के नियमित कार्यप्रवाह में किए गए, जिससे कर्मचारियों और संबंधित पक्षों में भ्रम उत्पन्न हुआ।
आरडीडीई (क्षेत्रीय विकास एवं शिक्षा) प्राधिकरण ने इस अनियमितता की सूचना मिलने पर क्लर्क को निलंबित कर दिया और विस्तृत जांच का आदेश दिया। निलंबन के साथ ही जारी किए गए सभी आदेशों की सत्यता की पुष्टि करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
यह मामला राज्य के शिक्षा प्रशासन में आंतरिक नियंत्रण की कमजोरियों को उजागर करता है और भविष्य में इसी प्रकार की दुराचार को रोकने हेतु कड़ी जांच और सत्यापन प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर बल देता है।
जांच के अनुसार, क्लर्क ने कई दस्तावेजों पर डीईओ के फर्जी हस्ताक्षर किए और उनके नाम से कई आदेश जारी किए। ये अनधिकृत कार्य शिक्षा कार्यालय के नियमित कार्यप्रवाह में किए गए, जिससे कर्मचारियों और संबंधित पक्षों में भ्रम उत्पन्न हुआ।
आरडीडीई (क्षेत्रीय विकास एवं शिक्षा) प्राधिकरण ने इस अनियमितता की सूचना मिलने पर क्लर्क को निलंबित कर दिया और विस्तृत जांच का आदेश दिया। निलंबन के साथ ही जारी किए गए सभी आदेशों की सत्यता की पुष्टि करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
यह मामला राज्य के शिक्षा प्रशासन में आंतरिक नियंत्रण की कमजोरियों को उजागर करता है और भविष्य में इसी प्रकार की दुराचार को रोकने हेतु कड़ी जांच और सत्यापन प्रक्रियाओं की आवश्यकता पर बल देता है।