📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KING RODRIGUEZ/PRESIDENTIAL PHOTO
विदेश
चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव बेस्टेंट न्यूयॉर्क में मिले
✍️ The Economic Times
🗓 21 सित. 2026, 05:31 AM
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चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलन (बेस्टेंट) आर्थिक मुद्दों पर चर्चा के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे, जिससे बीजिंग‑वॉशिंगटन संवाद में नई ऊर्जा का संकेत मिला।
चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने सोमवार को न्यूयॉर्क में आगमन किया और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलन (बेस्टेंट) के साथ आर्थिक मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य व्यापार, मुद्रा स्थिरता और व्यापक मैक्रो‑इकोनॉमिक समन्वय पर चर्चा करना है।
बैठकें अमेरिकी ट्रेजरी के न्यूयॉर्क कार्यालय में आयोजित होंगी, जहाँ दोनों पक्ष व्यापार असंतुलन और हालिया नीतिगत कदमों से उत्पन्न तनाव को कम करने के उपायों पर विचार करेंगे। साथ ही, मौद्रिक नीतियों में अंतर और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के वैश्विक प्रभाव पर भी चर्चा होगी।
स्रोतों के अनुसार, जलवायु‑संबंधी वित्तपोषण और बाजार पहुंच के मौजूदा समझौतों के कार्यान्वयन को भी एजेंडा में रखा गया है। दोनों देशों के बीच जटिल भू‑राजनीतिक माहौल को देखते हुए, संवाद को खुला रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
आर्थिक टाइम्स ने बताया कि हे लिफेंग की दो‑दिन की यात्रा के बाद वे बीजिंग लौटकर एक घरेलू नीति शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। अभी तक कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है, पर दोनों पक्ष उच्च स्तर पर संवाद जारी रखने का आश्वासन दे चुके हैं।
बैठकें अमेरिकी ट्रेजरी के न्यूयॉर्क कार्यालय में आयोजित होंगी, जहाँ दोनों पक्ष व्यापार असंतुलन और हालिया नीतिगत कदमों से उत्पन्न तनाव को कम करने के उपायों पर विचार करेंगे। साथ ही, मौद्रिक नीतियों में अंतर और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के वैश्विक प्रभाव पर भी चर्चा होगी।
स्रोतों के अनुसार, जलवायु‑संबंधी वित्तपोषण और बाजार पहुंच के मौजूदा समझौतों के कार्यान्वयन को भी एजेंडा में रखा गया है। दोनों देशों के बीच जटिल भू‑राजनीतिक माहौल को देखते हुए, संवाद को खुला रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
आर्थिक टाइम्स ने बताया कि हे लिफेंग की दो‑दिन की यात्रा के बाद वे बीजिंग लौटकर एक घरेलू नीति शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। अभी तक कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है, पर दोनों पक्ष उच्च स्तर पर संवाद जारी रखने का आश्वासन दे चुके हैं।