📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Calistemon
नौकरी
मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में नए श्रम कोडों के कार्यान्वयन की समीक्षा की
✍️ Kashmir Life
🗓 24 सित. 2026, 08:18 PM
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जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने हाल ही में लागू किए गए श्रम कोडों के कार्यान्वयन की स्थिति और चुनौतियों की समीक्षा की।
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने एक उच्च‑स्तरीय बैठक का आयोजन किया, जिसमें नए श्रम कोडों के कार्यान्वयन की स्थिति की जांच की गई। श्रम विभाग, उद्योग प्रतिनिधि और ट्रेड यूनियन के अधिकारी ने अनुपालन स्तर, पंजीकरण की प्रगति और प्रवर्तन में आने वाली कठिनाइयों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समिक्षा से पता चला कि कई नियोक्ताओं ने वेतन, कार्य समय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को अपनाना शुरू कर दिया है, परंतु छोटे और अनौपचारिक क्षेत्रों में जागरूकता की कमी अभी भी बनी हुई है। प्रशासन ने जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने का वचन दिया, ताकि व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ व्यवसाय के अनुकूल माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। आगे की कार्रवाई में नियमित निगरानी, नियोक्ताओं के लिए क्षमता‑निर्माण कार्यशालाएँ और पहचानी गई बाधाओं को दूर करने के लिए समय‑सीमा तय करना शामिल है।
यह मूल्यांकन राष्ट्रीय मानकों के साथ श्रम मानकों को समन्वित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अगली वित्तीय समीक्षा से पहले कार्यान्वयन को सुगम बनाना है।
समिक्षा से पता चला कि कई नियोक्ताओं ने वेतन, कार्य समय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को अपनाना शुरू कर दिया है, परंतु छोटे और अनौपचारिक क्षेत्रों में जागरूकता की कमी अभी भी बनी हुई है। प्रशासन ने जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने का वचन दिया, ताकि व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ व्यवसाय के अनुकूल माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। आगे की कार्रवाई में नियमित निगरानी, नियोक्ताओं के लिए क्षमता‑निर्माण कार्यशालाएँ और पहचानी गई बाधाओं को दूर करने के लिए समय‑सीमा तय करना शामिल है।
यह मूल्यांकन राष्ट्रीय मानकों के साथ श्रम मानकों को समन्वित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अगली वित्तीय समीक्षा से पहले कार्यान्वयन को सुगम बनाना है।