📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sridhar Elangovan
शिक्षा
मुख्य न्यायाधीश ने एनआईटी सिक्किम साइट का दौरा किया, स्थायी लॉ विश्वविद्यालय के लिए
✍️ India Today
🗓 18 अक्टू. 2026, 01:16 AM
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मुख्य न्यायाधीश ने एनआईटी सिक्किम के परिसर का निरीक्षण किया, जहाँ स्थायी लॉ विश्वविद्यालय की योजना बनाई जा रही है।
मुख्य न्यायाधीश ने दक्षिण सिक्किम के रावांगला में स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सिक्किम की साइट का निरीक्षण किया, जहाँ स्थायी लॉ विश्वविद्यालय के निर्माण की योजना है। यह दौरा देश में विशेष कानूनी शिक्षा को बढ़ावा देने के सरकारी पहल का हिस्सा है।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश ने उपलब्ध भूमि का सर्वेक्षण किया, प्रारम्भिक योजना पर चर्चा की और शिक्षा मंत्रालय तथा एनआईटी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से परियोजना की समयसीमा पर बात की। उन्होंने एक आधुनिक सुविधा की आवश्यकता पर बल दिया, जो स्नातक‑स्नातकोत्तर दोनों स्तर के कानून कार्यक्रमों को समायोजित कर सके।
अधिकारियों ने बताया कि चुनी गई साइट में शैक्षणिक भवन, छात्रावास, मूट कोर्ट और अनुसंधान केंद्रों के लिए पर्याप्त जगह है, जो राष्ट्रीय लॉ स्कूलों के मानकों के अनुरूप है। इस दौरे से अनुमोदन प्रक्रिया तेज़ होने की उम्मीद है और इस वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
यह परियोजना अभी योजना चरण में है और उत्तर‑पूर्वी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कानूनी संस्थानों की कमी को दूर करने तथा स्थानीय छात्रों को बेहतर पेशेवर शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
हितधारक आशा करते हैं कि नया कैंपस पूरे भारत से प्रोफेसर और विद्वानों को आकर्षित करेगा, जिससे क्षेत्र की शैक्षणिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश ने उपलब्ध भूमि का सर्वेक्षण किया, प्रारम्भिक योजना पर चर्चा की और शिक्षा मंत्रालय तथा एनआईटी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से परियोजना की समयसीमा पर बात की। उन्होंने एक आधुनिक सुविधा की आवश्यकता पर बल दिया, जो स्नातक‑स्नातकोत्तर दोनों स्तर के कानून कार्यक्रमों को समायोजित कर सके।
अधिकारियों ने बताया कि चुनी गई साइट में शैक्षणिक भवन, छात्रावास, मूट कोर्ट और अनुसंधान केंद्रों के लिए पर्याप्त जगह है, जो राष्ट्रीय लॉ स्कूलों के मानकों के अनुरूप है। इस दौरे से अनुमोदन प्रक्रिया तेज़ होने की उम्मीद है और इस वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
यह परियोजना अभी योजना चरण में है और उत्तर‑पूर्वी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण कानूनी संस्थानों की कमी को दूर करने तथा स्थानीय छात्रों को बेहतर पेशेवर शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
हितधारक आशा करते हैं कि नया कैंपस पूरे भारत से प्रोफेसर और विद्वानों को आकर्षित करेगा, जिससे क्षेत्र की शैक्षणिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।