📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vishal14k
राजनीति
मुख्य न्यायाधीश ने सीएम सैनी की हिसार यात्रा से पहले हरियाणा में स्वयंसेवकों को हिरासत में लेने का आरोप
✍️ The Hindu
🗓 02 अक्टू. 2026, 03:17 PM
👁 18
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सीएम मनोहर लाल सैनी की हिसार यात्रा से पहले हरियाणा के कई क्षेत्रों में स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया गया।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हरियाणा के कई जिलों में स्वयंसेवकों को सीएम मनोहर लाल सैनी की हिसार यात्रा से पहले हिरासत में लिया गया। यह टिप्पणी एक प्रेस ब्रीफ़िंग में की गई, जहाँ न्यायाधीश ने इस कार्रवाई के समय‑संबंधी पहलू पर चिंता जताई।
मुख्य न्यायाधीश के अनुसार, गिरफ्तारियों की सूचना विभिन्न जिलों से मिली है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक समन्वित कदम हो सकता है, जो आधिकारिक दौरे के साथ मेल खाता है। गिरफ्तार किए गए स्वयंसेवकों की पृष्ठभूमि या कारणों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
हरियाणा सरकार ने इस आरोप पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, और पुलिस प्रवक्ता ने स्पष्टता के लिए पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सीएम की यात्रा निर्धारित अनुसार आगे बढ़ रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले नागरिक समूहों को लक्षित करने वाली किसी भी कार्रवाई से प्रक्रिया की निष्पक्षता और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की स्वतंत्रता पर सवाल उठ सकते हैं। यह आरोप प्रशासन की सार्वजनिक सभाओं के प्रबंधन पर अतिरिक्त जांच का कारण बन सकता है।
मुख्य न्यायाधीश के अनुसार, गिरफ्तारियों की सूचना विभिन्न जिलों से मिली है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक समन्वित कदम हो सकता है, जो आधिकारिक दौरे के साथ मेल खाता है। गिरफ्तार किए गए स्वयंसेवकों की पृष्ठभूमि या कारणों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
हरियाणा सरकार ने इस आरोप पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, और पुलिस प्रवक्ता ने स्पष्टता के लिए पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सीएम की यात्रा निर्धारित अनुसार आगे बढ़ रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले नागरिक समूहों को लक्षित करने वाली किसी भी कार्रवाई से प्रक्रिया की निष्पक्षता और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की स्वतंत्रता पर सवाल उठ सकते हैं। यह आरोप प्रशासन की सार्वजनिक सभाओं के प्रबंधन पर अतिरिक्त जांच का कारण बन सकता है।