📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
कृषि
छत्तीसगढ़ के अभयारण्य में 50 साल बाद 50 नए ब्लैकबक का स्वागत
✍️ The Indian Express
🗓 14 अक्टू. 2026, 09:01 AM
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छत्तीसगढ़ के उस अभयारण्य में, जहाँ 50 साल पहले सभी ब्लैकबक गायब हो गए थे, अब 50 नए ब्लैकबक लाकर प्रजाति को पुनर्स्थापित करने की तैयारी चल रही है।
छत्तीसगढ़ के उस वन्यजीव अभयारण्य में जहाँ पचास साल पहले सभी ब्लैकबक गायब हो गए थे, अब बड़े पैमाने पर पुनर्स्थापन कार्य की तैयारी चल रही है। अधिकारियों ने एक सहयोगी केंद्र से पचास स्वस्थ ब्लैकबक प्राप्त कर लिये हैं और अगले कुछ हफ्तों में उन्हें अभयारण्य में छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
यह कदम राज्य के व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आवासीय क्षति और शिकार के कारण घटती मूल घासभूमि प्रजातियों को पुनर्जीवित करना है। वन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि नए ब्लैकबक की बारीकी से निगरानी की जाएगी, साथ ही उनके पोषण और अवैध शिकार रोकने के लिए विशेष गश्तें चलायी जाएँगी।
पर्यावरणविद् इस कार्यक्रम को क्षेत्र की घासभूमियों के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने के लिये एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जहाँ कई प्रकार के जीव‑जंतु और वनस्पति पाई जाती है। इस पहल की सफलता अन्य भारतीय राज्यों में समान प्रयासों के लिये मॉडल बन सकती है।
यह कदम राज्य के व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आवासीय क्षति और शिकार के कारण घटती मूल घासभूमि प्रजातियों को पुनर्जीवित करना है। वन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि नए ब्लैकबक की बारीकी से निगरानी की जाएगी, साथ ही उनके पोषण और अवैध शिकार रोकने के लिए विशेष गश्तें चलायी जाएँगी।
पर्यावरणविद् इस कार्यक्रम को क्षेत्र की घासभूमियों के पारिस्थितिक संतुलन को बहाल करने के लिये एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जहाँ कई प्रकार के जीव‑जंतु और वनस्पति पाई जाती है। इस पहल की सफलता अन्य भारतीय राज्यों में समान प्रयासों के लिये मॉडल बन सकती है।