📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
अपराध
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 25‑सप्ताह के गर्भपात की अनुमति दी, बलात्कार पीड़िता के लिए
✍️ Live Law
🗓 31 जुल. 2026, 05:12 AM
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक बलात्कार पीड़ित नाबालिग के 25‑सप्ताह तक गर्भपात की अनुमति देते हुए, सोनोग्राफिक साक्ष्य का हवाला दिया।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता के 25‑सप्ताह के गर्भपात की अनुमति दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि न्यायालय कमजोर पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के लिए तैयार है। इस मामले में एक युवा लड़की को बलात्कार के बाद गर्भवती होने के बाद उसके परिवार ने कानूनी सहायता ली।
न्यायालय ने अपने निर्णय में सोनोग्राफिक साक्ष्य पर भरोसा किया, जिसने पुष्टि की कि गर्भावस्था 25‑सप्ताह के भीतर है। इसके अलावा, न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता और बाल संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया, यह बताते हुए कि नाबालिग की सुरक्षा और भलाई सर्वोपरि है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पूरे भारत में समान मामलों के लिए मिसाल कायम कर सकता है, जिससे नाबालिगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध गर्भधारण जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि गर्भपात योग्य चिकित्सा पेशेवर द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए, और किसी भी विलंब को अवैध माना जा सकता है।
न्यायालय ने अपने निर्णय में सोनोग्राफिक साक्ष्य पर भरोसा किया, जिसने पुष्टि की कि गर्भावस्था 25‑सप्ताह के भीतर है। इसके अलावा, न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता और बाल संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया, यह बताते हुए कि नाबालिग की सुरक्षा और भलाई सर्वोपरि है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पूरे भारत में समान मामलों के लिए मिसाल कायम कर सकता है, जिससे नाबालिगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध गर्भधारण जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि गर्भपात योग्य चिकित्सा पेशेवर द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए, और किसी भी विलंब को अवैध माना जा सकता है।