📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
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चौधरी हाई कोर्ट ने वन रेंजर परीक्षा में दुर्घटना के बाद राहत दी
✍️ The Indian Express
🗓 16 सित. 2026, 03:36 PM
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छत्तीसगढ़ में वन रेंजर भर्ती परीक्षा को रोकने वाली दुर्घटना के बाद हाई कोर्ट ने प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत दी।
छत्तीसगढ़ में आयोजित वन रेंजर भर्ती परीक्षा के दिन एक वाहन दुर्घटना के कारण परीक्षा अचानक रद्द कर दी गई, जिससे कई अभ्यर्थियों को अपना पेपर पूरा करने का अवसर नहीं मिला। यह घटना परीक्षा स्थल पर हुई और सुरक्षा एवं चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता उत्पन्न हुई।
दुर्घटना के बाद कई उम्मीदवारों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में राहत की याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि अचानक रद्दीकरण ने उनके वन रेंजर पद के सपने को खतरे में डाल दिया है। कोर्ट ने याचिकाओं की सुनवाई के बाद तुरंत राहत प्रदान करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने राज्य वन विभाग को निर्देश दिया कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर नई परीक्षा आयोजित की जाए, और नई परीक्षा में सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। साथ ही, यात्रा एवं अन्य खर्चों की प्रतिपूर्ति भी करने का आदेश दिया गया।
प्राधिकरणों ने पुष्टि की है कि पुनः परीक्षा एक अलग स्थान पर आयोजित की जाएगी, जहाँ सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो। यह निर्णय अभ्यर्थियों द्वारा सराहा गया है, जो इसे अनपेक्षित व्यवधान के प्रति न्यायसंगत समाधान मानते हैं।
यह घटना बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान उत्पन्न चुनौतियों को उजागर करती है और अनपेक्षित घटनाओं में उम्मीदवारों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करती है।
दुर्घटना के बाद कई उम्मीदवारों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में राहत की याचिका दायर की, यह तर्क देते हुए कि अचानक रद्दीकरण ने उनके वन रेंजर पद के सपने को खतरे में डाल दिया है। कोर्ट ने याचिकाओं की सुनवाई के बाद तुरंत राहत प्रदान करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट ने राज्य वन विभाग को निर्देश दिया कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर नई परीक्षा आयोजित की जाए, और नई परीक्षा में सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। साथ ही, यात्रा एवं अन्य खर्चों की प्रतिपूर्ति भी करने का आदेश दिया गया।
प्राधिकरणों ने पुष्टि की है कि पुनः परीक्षा एक अलग स्थान पर आयोजित की जाएगी, जहाँ सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो। यह निर्णय अभ्यर्थियों द्वारा सराहा गया है, जो इसे अनपेक्षित व्यवधान के प्रति न्यायसंगत समाधान मानते हैं।
यह घटना बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान उत्पन्न चुनौतियों को उजागर करती है और अनपेक्षित घटनाओं में उम्मीदवारों के अधिकारों की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करती है।