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05 नव. 2026•
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पति को तलाक दिया, कहा 'क्रूरता व्यवहार का मामला है, न कि लिंग'
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / swap
अपराध

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पति को तलाक दिया, कहा 'क्रूरता व्यवहार का मामला है, न कि लिंग'

✍️ The New Indian Express 🗓 08 अक्टू. 2026, 03:46 PM 👁 42
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक पति को तलाक दिया, यह कहते हुए कि क्रूरता व्यवहार का मामला है, न कि लिंग, समान संरक्षण पर जोर दिया।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक पति को तलाक दिया, जिससे घरेलू क्रूरता पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत हुआ। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि क्रूरता व्यवहार का मामला है और यह लिंग से संबंधित नहीं है, इस प्रकार समान संरक्षण को रेखांकित किया।
इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि कानूनी सुरक्षा दोनों पक्षों पर लागू होनी चाहिए, चाहे अपराधी पुरुष हो या महिला। पति को तलाक देकर, न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि कानून लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता जब घरेलू दुरुपयोग के मामलों का निपटारा किया जाता है।
यह फैसला राज्य में भविष्य के घरेलू क्रूरता मामलों पर प्रभाव डालने की उम्मीद है, जिससे ऐसे विवादों के निपटारे में एक अधिक संतुलित दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय सभी प्रभावित पक्षों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
मामले से यह स्पष्ट होता है कि क्रूरता को एक व्यवहारिक मुद्दे के रूप में पहचानना आवश्यक है, जो परिवार न्यायालय की प्रक्रियाओं में पूर्वाग्रह को रोकने और सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सहायक होगा।
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