📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
अपराध
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महिला के खिलाफ ITPA केस को खारिज किया
✍️ The Times of India
🗓 26 अग. 2026, 02:45 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महिला के खिलाफ ITPA केस को रद्द कर दिया, यह कहा कि केवल सेक्स वर्कर के रूप में आरोप लगना अभियोजन का आधार नहीं बन सकता।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक महिला के खिलाफ दायर ITPA (सूचना से आतंकवाद रोकथाम अधिनियम) केस को रद्द कर दिया, यह कहा कि उसके सेक्स वर्कर होने के केवल आरोप पर कानूनी कार्रवाई का आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने जांच एजेंसी के इस दावे की जांच की कि महिला के पेशे को उग्रवादी गतिविधियों से जोड़ा गया था, पर कोई ठोस सबूत नहीं मिला।
निर्णय में कोर्ट ने यह रेखांकित किया कि केवल संदेह या सामाजिक कलंक ITPA के तहत आवश्यक साक्ष्य मानक को पूरा नहीं करता। इस कारण जांच एजेंसी को केस वापस लेने और रिकॉर्ड मिटाने का निर्देश दिया गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि अभियोजन को मुकदमे से पहले ठोस तथ्य चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आतंकवाद विरोधी कानूनों के दुरुपयोग को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम है, विशेषकर जब ये व्यक्तिगत प्रतिष्ठा से जुड़ी धारणाओं पर आधारित हों। यह निर्णय समान मामलों में precedent स्थापित कर सकता है जहाँ केवल नैतिक धारणाओं के आधार पर अभियोजन किया जाता है।
निर्णय में कोर्ट ने यह रेखांकित किया कि केवल संदेह या सामाजिक कलंक ITPA के तहत आवश्यक साक्ष्य मानक को पूरा नहीं करता। इस कारण जांच एजेंसी को केस वापस लेने और रिकॉर्ड मिटाने का निर्देश दिया गया, जिससे यह सिद्ध हुआ कि अभियोजन को मुकदमे से पहले ठोस तथ्य चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आतंकवाद विरोधी कानूनों के दुरुपयोग को रोकने में एक महत्वपूर्ण कदम है, विशेषकर जब ये व्यक्तिगत प्रतिष्ठा से जुड़ी धारणाओं पर आधारित हों। यह निर्णय समान मामलों में precedent स्थापित कर सकता है जहाँ केवल नैतिक धारणाओं के आधार पर अभियोजन किया जाता है।