📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
नौकरी
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कर्मचारियों को पसंदीदा पोस्टिंग की मांग से रोका
✍️ The Times of India
🗓 22 अग. 2026, 04:37 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सरकारी कर्मचारी अपनी पसंदीदा पोस्टिंग की मांग नहीं कर सकता, जिससे सेवा नियम स्पष्ट हुए।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने रायपुर में सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया कि कोई भी कर्मचारी अपनी पसंद का पद पाने के लिए प्रशासन को बाध्य नहीं कर सकता। न्यायालय ने कहा कि पदों का आवंटन करने का अधिकार सक्षम प्राधिकरण के पास है और इसे व्यक्तिगत इच्छा से नहीं बदलाया जा सकता।
यह निर्णय एक सरकारी कर्मचारी द्वारा दायर याचिका पर आधारित था, जिसमें वह एक विशिष्ट पोस्टिंग की मांग कर रहा था। न्यायालय ने कर्मचारी की व्यक्तिगत इच्छाओं को समझते हुए भी कहा कि सेवा नियम प्रशासन को दक्षता और सार्वजनिक हित के आधार पर पद निर्धारित करने का अधिकार देते हैं।
इस आदेश से प्रशासनिक प्राधिकरण की शक्ति को सुदृढ़ किया गया है और भविष्य में ऐसी ही याचिकाओं से उत्पन्न हो सकने वाले व्यवधान को रोका जा सकेगा। यह ruling यह भी दर्शाता है कि व्यक्तिगत आकांक्षाओं को सार्वजनिक सेवा के व्यापक उद्देश्यों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।
यह निर्णय एक सरकारी कर्मचारी द्वारा दायर याचिका पर आधारित था, जिसमें वह एक विशिष्ट पोस्टिंग की मांग कर रहा था। न्यायालय ने कर्मचारी की व्यक्तिगत इच्छाओं को समझते हुए भी कहा कि सेवा नियम प्रशासन को दक्षता और सार्वजनिक हित के आधार पर पद निर्धारित करने का अधिकार देते हैं।
इस आदेश से प्रशासनिक प्राधिकरण की शक्ति को सुदृढ़ किया गया है और भविष्य में ऐसी ही याचिकाओं से उत्पन्न हो सकने वाले व्यवधान को रोका जा सकेगा। यह ruling यह भी दर्शाता है कि व्यक्तिगत आकांक्षाओं को सार्वजनिक सेवा के व्यापक उद्देश्यों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।