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अपराध
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का फैसला
✍️ Court Book
🗓 21 जुल. 2026, 09:47 PM
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि पत्नी द्वारा आपसी तलाक के लिए ₹2 करोड़ की मांग और पति-पत्नी के संबंधों को फिर से शुरू करने से इनकार करना मानसिक क्रूरता है। न्यायालय का यह निर्णय इस सिद्धांत पर आधारित है कि ऐसी मांगें पति को महत्वपूर्ण भावनात्मक कष्ट पहुंचा सकती हैं।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि पत्नी द्वारा आपसी तलाक के लिए ₹2 करोड़ की मांग और पति-पत्नी के संबंधों को फिर से शुरू करने से इनकार करना मानसिक क्रूरता है। यह निर्णय न्यायालय द्वारा इस बात की मान्यता को दर्शाता है कि ऐसी मांगें पति पर क्या भावनात्मक और मानसिक प्रभाव डाल सकती हैं। यह फैसला भविष्य में इसी तरह के मामलों के लिए परिणामी होगा, जहां तलाक की कार्यवाही में मानसिक क्रूरता का मुद्दा उठाया जाता है।