📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish.prajapati90
देश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा, पहले विवाह का खुलासा न करना धोखा नहीं
✍️ The Times of India
🗓 31 अग. 2026, 01:28 AM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कहा कि पहले विवाह का खुलासा न करना भारतीय कानून के तहत धोखा नहीं माना जाता।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने यह स्पष्ट किया कि पहले विवाह को छुपाना धोखे की कानूनी परिभाषा में नहीं आता। यह निर्णय एक याचिका के जवाब में दिया गया था, जिसमें याचिकाकर्ता ने उत्तरदाता के पूर्व विवाह को न बताने को आपराधिक धोखा बताया था।
कोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता के तहत धोखा वह है जिसमें ऐसी छलबाज़ी हो जो पीड़ित को विशेष नुकसान या हानि पहुंचाए। केवल पूर्व विवाह की जानकारी न देना इस मानदंड को पूरा नहीं करता, बेंच ने कहा।
हालांकि इस फैसले से ऐसे मामलों में आपराधिक धोखे के आरोप नहीं लगेंगे, कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यह मुद्दा तलाक या वैधता से जुड़े नागरिक मामलों में अभी भी प्रासंगिक हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में समान वैवाहिक धोखाधड़ी के मामलों में निचली अदालतों के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।
कोर्ट ने कहा कि भारतीय दंड संहिता के तहत धोखा वह है जिसमें ऐसी छलबाज़ी हो जो पीड़ित को विशेष नुकसान या हानि पहुंचाए। केवल पूर्व विवाह की जानकारी न देना इस मानदंड को पूरा नहीं करता, बेंच ने कहा।
हालांकि इस फैसले से ऐसे मामलों में आपराधिक धोखे के आरोप नहीं लगेंगे, कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यह मुद्दा तलाक या वैधता से जुड़े नागरिक मामलों में अभी भी प्रासंगिक हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में समान वैवाहिक धोखाधड़ी के मामलों में निचली अदालतों के लिए मार्गदर्शक बन सकता है।