📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
अपराध
छत्तीसगढ़ HC: लिव-इन में शादी से इनकार दुष्कर्म नहीं
✍️ Moneycontrol.com
🗓 01 जुल. 2026, 05:16 AM
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि लंबे समय तक चले लिव-इन रिलेशनशिप के बाद पुरुष का शादी से इनकार अपने आप में दुष्कर्म नहीं माना जाएगा।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय तक चले लिव-इन रिलेशनशिप के बावजूद पुरुष का महिला से शादी करने से इनकार भारतीय कानून के तहत स्वतः ही दुष्कर्म नहीं माना जाएगा।
यह अवलोकन अदालत ने एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान किया, जिसमें शिकायतकर्ता ने शादी के वादे से मुकरने के आधार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि दुष्कर्म के आरोप को सही ठहराने के लिए, महिला की इच्छा के विरुद्ध जबरन यौन संबंध बनाने का प्रमाण होना आवश्यक है।
ऐसी स्थिति से उत्पन्न भावनात्मक पीड़ा को स्वीकार करते हुए, उच्च न्यायालय ने टूटे हुए वादे और दुष्कर्म के आपराधिक कृत्य के बीच अंतर किया है। यह फैसला बताता है कि शादी के झूठे वादे के माध्यम से प्राप्त सहमति एक जटिल कानूनी मुद्दा हो सकती है, लेकिन रिश्ते के बाद शादी से इनकार करने का मात्र कार्य दुष्कर्म की सख्त परिभाषा को पूरा नहीं करता है।
यह अवलोकन अदालत ने एक ऐसे मामले की सुनवाई के दौरान किया, जिसमें शिकायतकर्ता ने शादी के वादे से मुकरने के आधार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि दुष्कर्म के आरोप को सही ठहराने के लिए, महिला की इच्छा के विरुद्ध जबरन यौन संबंध बनाने का प्रमाण होना आवश्यक है।
ऐसी स्थिति से उत्पन्न भावनात्मक पीड़ा को स्वीकार करते हुए, उच्च न्यायालय ने टूटे हुए वादे और दुष्कर्म के आपराधिक कृत्य के बीच अंतर किया है। यह फैसला बताता है कि शादी के झूठे वादे के माध्यम से प्राप्त सहमति एक जटिल कानूनी मुद्दा हो सकती है, लेकिन रिश्ते के बाद शादी से इनकार करने का मात्र कार्य दुष्कर्म की सख्त परिभाषा को पूरा नहीं करता है।