📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / swap
स्थानीय
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सरकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड सार्वजनिक हित के बिना जारी न करने का निर्णय लिया
✍️ The Times of India
🗓 17 जुल. 2026, 11:33 PM
👁 5
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि सरकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत डेटा को तब तक जारी नहीं किया जा सकता जब तक कि वह बड़े सार्वजनिक हित की सेवा न करे।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि सरकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड तब तक जारी नहीं किए जा सकते जब तक कि बड़े सार्वजनिक हित का कारण न हो।
यह फैसला गुरुवार को जारी किया गया और व्यक्तिगत गोपनीयता तथा सूचना के अधिकार के बीच संतुलन पर प्रकाश डालता है।
न्यायालय ने कहा कि सूचना अधिनियम के तहत सार्वजनिक जानकारी के प्रकटीकरण की अनुमति है, परंतु व्यक्तिगत डेटा को गोपनीयता का उल्लंघन किए बिना सार्वजनिक उद्देश्य के बिना जारी नहीं किया जा सकता।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि सूचना अधिनियम के अंतर्गत किस प्रकार की जानकारी उपलब्ध है और सरकारी कर्मचारियों के रिकॉर्ड से संबंधित भविष्य के मामलों के लिए एक मिसाल कायम होती है।
यह फैसला गुरुवार को जारी किया गया और व्यक्तिगत गोपनीयता तथा सूचना के अधिकार के बीच संतुलन पर प्रकाश डालता है।
न्यायालय ने कहा कि सूचना अधिनियम के तहत सार्वजनिक जानकारी के प्रकटीकरण की अनुमति है, परंतु व्यक्तिगत डेटा को गोपनीयता का उल्लंघन किए बिना सार्वजनिक उद्देश्य के बिना जारी नहीं किया जा सकता।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि सूचना अधिनियम के अंतर्गत किस प्रकार की जानकारी उपलब्ध है और सरकारी कर्मचारियों के रिकॉर्ड से संबंधित भविष्य के मामलों के लिए एक मिसाल कायम होती है।