📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Amiyashrivastava (talk) (Uploads)
अपराध
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में पति को पत्नी वापस ले जाने से रोका
✍️ The Times of India
🗓 21 सित. 2026, 08:31 PM
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि दहेज उत्पीड़न के आरोपों के चलते पति अपनी पत्नी को वापस ले नहीं सकता।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि दहेज उत्पीड़न के आरोपों के चलते पत्नी को वापस घर ले जाने का अधिकार पति को नहीं है। न्यायालय ने कहा कि जांच के दौरान महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कोर्ट ने यह भी कहा कि दहेज से संबंधित अपराध भारतीय दंड संहिता और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं, और पति द्वारा किसी भी प्रकार का दबाव अतिरिक्त आपराधिक कृत्य माना जा सकता है।
पति की याचिका को खारिज करके न्यायाधीशों ने यह सिद्धांत दोहराया कि दहेज उत्पीड़न के आरोपों के तहत पीड़िता को कानूनी कार्रवाई से हटाया नहीं जा सकता और न ही उसे डराया जा सकता है। यह फैसला राज्य में समान मामलों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय महिला अधिकारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा और भविष्य में दहेज संबंधी शिकायतों को संवेदनशीलता से निपटाने की दिशा में कार्यवाही को प्रोत्साहित करेगा। मामले की आगे की सुनवाई निर्धारित है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि दहेज से संबंधित अपराध भारतीय दंड संहिता और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं, और पति द्वारा किसी भी प्रकार का दबाव अतिरिक्त आपराधिक कृत्य माना जा सकता है।
पति की याचिका को खारिज करके न्यायाधीशों ने यह सिद्धांत दोहराया कि दहेज उत्पीड़न के आरोपों के तहत पीड़िता को कानूनी कार्रवाई से हटाया नहीं जा सकता और न ही उसे डराया जा सकता है। यह फैसला राज्य में समान मामलों के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय महिला अधिकारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा और भविष्य में दहेज संबंधी शिकायतों को संवेदनशीलता से निपटाने की दिशा में कार्यवाही को प्रोत्साहित करेगा। मामले की आगे की सुनवाई निर्धारित है।