📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Goutam1962
धर्म
छठ 2026 की तिथियां तय: बिहार में खरना, नहाय-खाय और अंतिम अर्घ का कार्यक्रम
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 03 नव. 2026, 02:16 PM
👁 22
बिहार में अधिकारियों ने 2026 के छठ पर्व की तिथियां घोषित की हैं, जिसमें खरना, नहाय-खाय और अंतिम अर्घ के दिन शामिल हैं, और राज्य भर में तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं।
देश भर में दीपावली की तैयारियां चल रही हैं, पर इस मौसम में बिहार का मुख्य ध्यान छठ पर्व पर है, जो सूर्य देवता को समर्पित चार‑दिन का नदी‑किनारा उत्सव है। स्थानीय प्रशासन ने 2026 के छठ के आधिकारिक कैलेंडर को जारी किया है, जिसमें खरना, नहाय‑खाय और अंतिम अर्घ के क्रम तथा उनके दिन स्पष्ट किए गए हैं।
परंपरा के अनुसार, पहले दो दिन घर में उपवास और प्रार्थना होती है, उसके बाद खरना – शाम को सामुदायिक भोजन के साथ उपवास तोड़ना। तीसरे दिन नहाय‑खाय में भक्त नदी में स्नान कर sunrise पर पूजा करते हैं, जबकि अंतिम दिन सूर्यास्त पर अर्घ समारोह आयोजित किया जाता है।
तिथियों के निश्चित होने से बिहार के भक्तों ने अस्थायी घाट स्थापित करना, नदी किनारे सफाई करना और फलों, मिठाइयों व ठेकुआ जैसी पारम्परिक अर्पणों की व्यवस्था शुरू कर दी है। समुदायिक समूह और नगरपालिका निकाय सुरक्षा और समारोह के सुचारु संचालन के लिए समन्वय कर रहे हैं, जो इस पर्व के गहरे सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
छठ बिहार में सबसे अधिक मनाए जाने वाले धार्मिक आयोजनों में से एक है, जो हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है। इस वर्ष स्पष्ट कैलेंडर से समारोहों का व्यवस्थित संचालन और श्रद्धालुओं को बिना भ्रम के अपने अनुष्ठान करने में मदद मिलेगी।
परंपरा के अनुसार, पहले दो दिन घर में उपवास और प्रार्थना होती है, उसके बाद खरना – शाम को सामुदायिक भोजन के साथ उपवास तोड़ना। तीसरे दिन नहाय‑खाय में भक्त नदी में स्नान कर sunrise पर पूजा करते हैं, जबकि अंतिम दिन सूर्यास्त पर अर्घ समारोह आयोजित किया जाता है।
तिथियों के निश्चित होने से बिहार के भक्तों ने अस्थायी घाट स्थापित करना, नदी किनारे सफाई करना और फलों, मिठाइयों व ठेकुआ जैसी पारम्परिक अर्पणों की व्यवस्था शुरू कर दी है। समुदायिक समूह और नगरपालिका निकाय सुरक्षा और समारोह के सुचारु संचालन के लिए समन्वय कर रहे हैं, जो इस पर्व के गहरे सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
छठ बिहार में सबसे अधिक मनाए जाने वाले धार्मिक आयोजनों में से एक है, जो हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है। इस वर्ष स्पष्ट कैलेंडर से समारोहों का व्यवस्थित संचालन और श्रद्धालुओं को बिना भ्रम के अपने अनुष्ठान करने में मदद मिलेगी।