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17 Oct 2026•
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा एक्शन: अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित, EOW-ACB ने कोर्ट में पेश किया पूरक आरोपपत्र

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा एक्शन: अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित, EOW-ACB ने कोर्ट में पेश किया पूरक आरोपपत्र

✍️ Reporter: Pankaj sahu 🗓 17 Oct 2026, 10:18 PM 👁 23
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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के बीच राज्य सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया था। विभागीय आदेश के अनुसार, निलंबन 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। मामले में कथित अवैध कमीशन वसूली और शराब बिक्री में अनियमितताओं की जांच जारी है।

रायपुर, छत्तीसगढ़ | Need24 News
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) की जांच के बाद विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र पेश किए जाने के बाद की गई है।
14 अक्टूबर से प्रभावी हुआ निलंबन
प्राप्त समाचार रिपोर्टों के अनुसार, आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक आरोपपत्र 13 अक्टूबर 2026 को तैयार किया गया था और 14 अक्टूबर को रायपुर की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की। आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
ED की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई थी FIR
शराब घोटाले के मामले में EOW-ACB ने 17 जनवरी 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से 11 जुलाई 2024 को भेजी गई रिपोर्ट के बाद जांच आगे बढ़ी। जांच के दौरान तत्कालीन IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और अन्य लोगों की कथित भूमिका की पड़ताल की गई।
जांच एजेंसियों ने शराब कारोबार में कथित अवैध कमीशन वसूली, सरकारी शराब दुकानों से बिना हिसाब बिक्री और डिस्टिलरी कंपनियों के बीच कथित सांठगांठ जैसे मामलों की जांच की है।
करीब 50 लोगों के खिलाफ जांच
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रकरण में लगभग 50 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। जांच का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध लेनदेन और शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क की भूमिका का पता लगाना है।
आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पूरक आरोपपत्र पेश होना इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब आरोपों और संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
आगे क्या होगा?
निलंबन एक प्रशासनिक कार्रवाई है, इसे अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बराबर नहीं माना जा सकता। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।
रिपोर्टर: पंकज साहू
Citizen Reporter | Need24 News
छत्तीसगढ़
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