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27 Sep 2026•
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छत्तीसगढ़ में 'पर्यावरण के दुश्मन' कोनोकार्पस पर प्रतिबंध, रोपण और बिक्री पर तत्काल रोक
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छत्तीसगढ़ में 'पर्यावरण के दुश्मन' कोनोकार्पस पर प्रतिबंध, रोपण और बिक्री पर तत्काल रोक

✍️ Reporter: Pankaj sahu 🗓 01 Aug 2026, 11:32 PM 👁 60
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छत्तीसगढ़ सरकार ने कोनोकार्पस प्रजाति के पौधों के नए रोपण पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण के तहत स्थानीय जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए लिया गया है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए कोनोकार्पस प्रजाति के पौधों के नए रोपण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में राज्य के आवास एवं पर्यावरण विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

सरकार के आदेश के अनुसार, अब राज्य की सीमा में कोई भी व्यक्ति, स्थानीय निकाय, शासकीय विभाग, अर्धशासकीय संस्था, सार्वजनिक उपक्रम या अन्य संगठन कोनोकार्पस के नए पौधे नहीं लगा सकेंगे और न ही इसके रोपण को बढ़ावा दे सकेंगे।

कोनोकार्पस को एक विदेशी और आक्रामक वनस्पति प्रजाति माना गया है। सरकार का कहना है कि इसके कारण स्थानीय जैव विविधता, प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र, भूजल संसाधनों और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के आधार पर लिया गया है। सरकार का उद्देश्य स्थानीय और देशी प्रजातियों के पौधों को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है।

अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य में कोनोकार्पस के नए पौधरोपण, प्रचार-प्रसार और बिक्री पर रोक लागू हो गई है। प्रशासन को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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