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29 अक्टू. 2026•
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छत्तीसगढ़ में नर्सेस का आंदोलन तेज: ग्रेड पे बढ़ाने की मांग को लेकर 30 अक्टूबर को राजधानी में सांकेतिक धरना, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की चेतावनी

✍️ रिपोर्टर: Mukesh Yadav 🗓 29 अक्टू. 2026, 02:07 PM 👁 35
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रायपुर:छत्तीसगढ़ में अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर नर्सेस अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रही हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, आयुर्वेदिक अस्पतालों और मानसिक रोग चिकित्सालयों में कार्यरत समस्त नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 7 अक्टूबर को ज्ञापन सौंपने के बाद अब नर्सेस ने 30 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश लेकर राजधानी रायपुर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
क्या है मुख्य मांग और पृष्ठभूमि?
नर्सिंग स्टाफ लंबे समय से अपने ग्रेड पे (वेतनमान) को बढ़ाए जाने की मांग कर रहा है। संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा ने जानकारी दी कि इस मांग को लेकर साल 2018 में भी बड़ा आंदोलन किया गया था। उस दौरान नर्सेस को प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सरकार द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसने ग्रेड पे बढ़ाने संबंधी अनुशंसाएं भी की थीं, लेकिन 8 साल बीत जाने के बाद भी वे अनुशंसाएं आज तक कागजों में ही दबी हुई हैं।
इसके बाद साल 2023 में भी छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले नर्सेस ने आंदोलन किया था, जिसमें 2500 से अधिक कर्मचारियों को निलंबन और बर्खास्तगी जैसी सख्त सजा भुगतनी पड़ी थी। लगातार पत्राचार और मौखिक निवेदन के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई ठोस निर्णय न लिए जाने के कारण अब कर्मचारियों में भारी आक्रोश और निराशा व्याप्त है।
आंदोलन के आगामी चरण और अल्टीमेटम
सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए नर्सेस ने पहले ही अपने उच्च अधिकारियों और विभागीय मंत्रियों को सूचना पत्र सौंप दिया है। आंदोलन के तय चरणों के तहत:
1. 7 अक्टूबर 2026: प्रदेशभर में भोजन अवकाश के दौरान संस्थाओं के बाहर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।
2. 30 अक्टूबर: प्रदेशभर की नियमित स्टाफ नर्सें और नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर राजधानी रायपुर में विशाल सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
3. दीवाली तक चेतावनी: संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दीवाली तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो इसके बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
नर्सिंग एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। यदि प्रदेशभर की नर्सेस सामूहिक अवकाश पर जाती हैं, तो अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा व्यवस्था चरमरा सकती है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
संघ ने शासन-प्रशासन को आगाह किया है कि इस स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी विषम परिस्थिति की समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी वर्षों पुरानी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है।
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