📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A. J. T. Johnsingh, WWF-India and NCF
अपराध
कूनो में चीता शिकार पर वन्यजीव सुरक्षा में उठे सवाल
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 02 नव. 2026, 04:45 PM
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कूनो नेशनल पार्क में चीता शिकार की घटना ने वन्यजीव सुरक्षा में लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए, 2024 के नोटिस पर कार्रवाई न करने और वन्यजीव फोर्स के प्रमुख पर जांच के इशारे किए।
कूनो नेशनल पार्क में चीते के शिकार की घटना ने वन्यजीव सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए। जांचकर्ताओं का कहना है कि 2024 में जारी एक नोटिस, जिसमें संभावित शिकार के खतरे की चेतावनी थी, पर कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण यह दुर्लभ प्राणी खो गया।
इस घटना के बाद पार्क की निगरानी प्रणालियों और वन्यजीव फोर्स के प्रमुख की भूमिका पर पुनर्विचार की मांग की गई है। अधिकारियों ने किसी भी लापरवाही से इनकार किया है, परंतु पहले के नोटिस पर कार्रवाई न करने से संरक्षण समूहों में चिंता बढ़ी है।
मध्य प्रदेश में स्थित कूनो कई संकटग्रस्त प्रजातियों का प्रमुख आवास है। इस पार्क के प्रमुख जानवरों में से एक चीते का नुकसान, अधिकारियों पर वन्यजीव कानूनों को लागू करने और एंटी-शिकार उपायों को सुदृढ़ करने का दबाव बढ़ा रहा है।
संरक्षण कार्यकर्ता वन विभाग से एक पारदर्शी जांच और भविष्य की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी लागू करने का आग्रह कर रहे हैं। यह मामला भारत में वन्यजीव अपराध और शासन पर चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
इस घटना के बाद पार्क की निगरानी प्रणालियों और वन्यजीव फोर्स के प्रमुख की भूमिका पर पुनर्विचार की मांग की गई है। अधिकारियों ने किसी भी लापरवाही से इनकार किया है, परंतु पहले के नोटिस पर कार्रवाई न करने से संरक्षण समूहों में चिंता बढ़ी है।
मध्य प्रदेश में स्थित कूनो कई संकटग्रस्त प्रजातियों का प्रमुख आवास है। इस पार्क के प्रमुख जानवरों में से एक चीते का नुकसान, अधिकारियों पर वन्यजीव कानूनों को लागू करने और एंटी-शिकार उपायों को सुदृढ़ करने का दबाव बढ़ा रहा है।
संरक्षण कार्यकर्ता वन विभाग से एक पारदर्शी जांच और भविष्य की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी लागू करने का आग्रह कर रहे हैं। यह मामला भारत में वन्यजीव अपराध और शासन पर चर्चाओं का केंद्र बन गया है।