📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yogesh Rawat
जीवनशैली
उत्तarakhand के चम्पावत हस्तशिल्प केंद्र में शिल्प और सामुदायिक क्षेत्र का संगम
✍️ The Hindu
🗓 08 सित. 2026, 04:03 PM
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उत्तarakhand के चम्पावत हस्तशिल्प केंद्र ने शिल्प कार्यशालाओं को सामुदायिक क्षेत्रों के साथ जोड़ा, जिससे स्थानीय कारीगरों को समर्थन और सामाजिक सहभागिता मिलेगी।
उत्तarakhand के चम्पावत जिले में इस महीने खुला चम्पावत हस्तशिल्प केंद्र, पारम्परिक कारीगरों और स्थानीय समुदाय को एक ही छत के नीचे लाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस केंद्र में बुनकर, लकड़ी के नक्काशीकार और धातु शिल्पियों के लिए समर्पित कार्यशालाएँ हैं, जबकि निकटवर्ती सामुदायिक क्षेत्रों में कार्यशालाएँ, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह केंद्र राज्य की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक सुविधाएँ और खरीदारों तक सीधा संपर्क प्रदान करेगा। सार्वजनिक क्षेत्रों को जोड़कर, यह परियोजना निवासियों को शिल्पों से जुड़ने, स्वामित्व की भावना और सांस्कृतिक गर्व को बढ़ावा देती है।
यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को कौशल विकास और पर्यटन के माध्यम से पुनर्जीवित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। स्थानीय कारीगरों से मिली प्रारंभिक प्रतिक्रिया में उनके उत्पादों के विपणन में बढ़ती आत्मविश्वास दिखता है, और यह स्थल क्षेत्र भर के पर्यटकों को आकर्षित कर आय और सांस्कृतिक जागरूकता दोनों को बढ़ाने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि यह केंद्र राज्य की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक सुविधाएँ और खरीदारों तक सीधा संपर्क प्रदान करेगा। सार्वजनिक क्षेत्रों को जोड़कर, यह परियोजना निवासियों को शिल्पों से जुड़ने, स्वामित्व की भावना और सांस्कृतिक गर्व को बढ़ावा देती है।
यह पहल राज्य सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को कौशल विकास और पर्यटन के माध्यम से पुनर्जीवित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है। स्थानीय कारीगरों से मिली प्रारंभिक प्रतिक्रिया में उनके उत्पादों के विपणन में बढ़ती आत्मविश्वास दिखता है, और यह स्थल क्षेत्र भर के पर्यटकों को आकर्षित कर आय और सांस्कृतिक जागरूकता दोनों को बढ़ाने की उम्मीद है।