📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / YTI
स्थानीय
सीईटीपी सोसायटी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के साथ झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी को प्रदूषण‑मुक्त बनाने का समझौता किया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 24 सित. 2026, 03:32 PM
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सीईटीपी सोसायटी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के साथ झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी को प्रदूषण‑मुक्त बनाने के लिए समझौता किया है।
दिल्ली – पर्यावरणीय कार्यकर्ता सीईटीपी सोसायटी ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है, जिसका उद्देश्य झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी में प्रदूषण कम करना और पर्यावरण सुधारना है।
समझौते के तहत विश्वविद्यालय अपने संकाय, छात्रों और अनुसंधान संसाधनों को कचरा पृथक्करण, वायु गुणवत्ता निगरानी और जागरूकता अभियानों के लिए प्रदान करेगा। सीईटीपी सोसायटी तकनीकी सहायता देगी और सफाई, वृक्षारोपण तथा इको‑फ्रेंडली बुनियादी ढाँचे की स्थापना में सहयोग करेगी।
दोनों पक्ष इस मॉडल को दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने की आशा रखते हैं, जिससे शैक्षणिक शोध और स्थानीय भागीदारी का संयोजन हो सके। यह पहल राजधानी में शहरी प्रदूषण से निपटने के लिए सहयोगी समाधान की दिशा में एक कदम है।
एमओयू हाल ही में हस्ताक्षरित हुआ है और कार्यान्वयन योजना आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें पर्यावरणीय प्रभाव का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।
झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी के निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है और आशा जताई है कि निरंतर प्रयासों से उनके रहने के माहौल में स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार होगा।
समझौते के तहत विश्वविद्यालय अपने संकाय, छात्रों और अनुसंधान संसाधनों को कचरा पृथक्करण, वायु गुणवत्ता निगरानी और जागरूकता अभियानों के लिए प्रदान करेगा। सीईटीपी सोसायटी तकनीकी सहायता देगी और सफाई, वृक्षारोपण तथा इको‑फ्रेंडली बुनियादी ढाँचे की स्थापना में सहयोग करेगी।
दोनों पक्ष इस मॉडल को दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने की आशा रखते हैं, जिससे शैक्षणिक शोध और स्थानीय भागीदारी का संयोजन हो सके। यह पहल राजधानी में शहरी प्रदूषण से निपटने के लिए सहयोगी समाधान की दिशा में एक कदम है।
एमओयू हाल ही में हस्ताक्षरित हुआ है और कार्यान्वयन योजना आने वाले हफ्तों में शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें पर्यावरणीय प्रभाव का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।
झिलमिल फ्रेंड्स कॉलोनी के निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है और आशा जताई है कि निरंतर प्रयासों से उनके रहने के माहौल में स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार होगा।