📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
केंद्र ने प&H उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
✍️ Live Law
🗓 16 सित. 2026, 03:46 PM
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केंद्र ने प&H उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें आयकर अधिनियम की धारा 147ए को अमान्य कर दिया गया था।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है ताकि प&H उच्च न्यायालय के उस निर्णय को उलटा जा सके, जिसमें आयकर अधिनियम की धारा 147ए को अमान्य कर दिया गया था।
धारा 147ए आयकर विभाग को बैंकों और अन्य संस्थानों से वित्तीय जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देती है, जो कर चोरी को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। प&H उच्च न्यायालय ने इस प्रावधान को असंवैधानिक ठहराया, निजता और उचित प्रक्रिया के बारे में चिंताएँ जताते हुए।
केंद्र की याचिका में तर्क दिया गया है कि उच्च न्यायालय ने कानून की गलत व्याख्या की है और धारा 147ए कर प्रशासन के लिए आवश्यक है। सरकार उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक और यह घोषणा चाहती है कि यह प्रावधान वैध बना रहे।
यह मामला राज्य की शक्ति और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन पर प्रकाश डालेगा, और इसका परिणाम भारत में कर प्राधिकरणों द्वारा वित्तीय डेटा तक पहुँचने के तरीके को बदल सकता है।
धारा 147ए आयकर विभाग को बैंकों और अन्य संस्थानों से वित्तीय जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देती है, जो कर चोरी को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। प&H उच्च न्यायालय ने इस प्रावधान को असंवैधानिक ठहराया, निजता और उचित प्रक्रिया के बारे में चिंताएँ जताते हुए।
केंद्र की याचिका में तर्क दिया गया है कि उच्च न्यायालय ने कानून की गलत व्याख्या की है और धारा 147ए कर प्रशासन के लिए आवश्यक है। सरकार उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक और यह घोषणा चाहती है कि यह प्रावधान वैध बना रहे।
यह मामला राज्य की शक्ति और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन पर प्रकाश डालेगा, और इसका परिणाम भारत में कर प्राधिकरणों द्वारा वित्तीय डेटा तक पहुँचने के तरीके को बदल सकता है।