📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
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केंद्र ने राज्यों को अतिरिक्त कर हस्तांतरण ₹1.09 लाख करोड़ जारी, राज्यवार वितरण जारी
✍️ Livemint
🗓 02 नव. 2026, 03:33 AM
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केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए अतिरिक्त कर हस्तांतरण के रूप में ₹1,09,019 करोड़ की नई किस्त की घोषणा की, साथ में राज्यवार वितरण की विस्तृत तालिका जारी की।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सोमवार को सभी राज्य सरकारों को अतिरिक्त कर हस्तांतरण के रूप में ₹1,09,019 करोड़ की नई किस्त जारी करने की घोषणा की। यह कदम नवीनतम वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप है और आगामी वित्तीय वर्ष से पहले राज्य वित्त को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया है।
मंत्रालय ने एक विस्तृत राज्यवार तालिका भी जारी की, जिसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को सबसे अधिक हिस्सेदारी मिल रही है, जबकि छोटे राज्यों को उनकी आय क्षमता और घाटे के आधार पर अनुपातिक राशि प्राप्त होगी।
इन फंडों को अगले वित्तीय चक्र में राज्यों के खातों में जमा किया जाएगा, जिससे कल्याण योजनाओं, बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्टों और अन्य प्राथमिक खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त कर हस्तांतरण केंद्र की राजकोषीय संघवाद के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और कई राज्यों के बजट दबाव को कम कर सकता है।
राज्य अधिकारियों ने इस घोषणा का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अतिरिक्त संसाधन उनके खर्च योजनाओं में अंतर को पाटने और चल रहे विकास पहलों को समर्थन देने में मदद करेंगे।
मंत्रालय ने एक विस्तृत राज्यवार तालिका भी जारी की, जिसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को सबसे अधिक हिस्सेदारी मिल रही है, जबकि छोटे राज्यों को उनकी आय क्षमता और घाटे के आधार पर अनुपातिक राशि प्राप्त होगी।
इन फंडों को अगले वित्तीय चक्र में राज्यों के खातों में जमा किया जाएगा, जिससे कल्याण योजनाओं, बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्टों और अन्य प्राथमिक खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त कर हस्तांतरण केंद्र की राजकोषीय संघवाद के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और कई राज्यों के बजट दबाव को कम कर सकता है।
राज्य अधिकारियों ने इस घोषणा का स्वागत किया, यह कहते हुए कि अतिरिक्त संसाधन उनके खर्च योजनाओं में अंतर को पाटने और चल रहे विकास पहलों को समर्थन देने में मदद करेंगे।