📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
मनोरंजन
सेलिब्रिटीज़ ने गर्भावस्था और पोस्टपार्टम ट्रोलिंग की निंदा, माँ बनने की सीमाएँ नहीं
✍️ Adgully.com
🗓 22 सित. 2026, 06:17 AM
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कई भारतीय सेलिब्रिटीज़ ने गर्भवती और प्रसवोत्तर महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन ट्रोलिंग की कड़ी निंदा की, यह कहा कि मातृत्व को किसी समय सीमा से बाँधा नहीं जाना चाहिए।
कई प्रसिद्ध भारतीय हस्तियों ने सोशल मीडिया पर गर्भावस्था और प्रसवोत्तर महिलाओं के खिलाफ हो रहे ट्रोलिंग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि अपमानजनक टिप्पणियाँ, अनचाहे सलाह और समय सीमा तय करने वाले प्रश्न महिलाओं के लिए एक असहज माहौल बनाते हैं।
ऐसे ट्रोलिंग में अक्सर शरीर की आलोचना, अनावश्यक दबाव और यह मान्यता शामिल होती है कि माँ बनने की कोई निश्चित समय सीमा होनी चाहिए, जिसे सितारों ने डिजिटल दुरुपयोग कहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह तनाव महिलाओं के संवेदनशील चरण में अनावश्यक बोझ बनता है।
उनके संदेशों में बार‑बार कहा गया, “माँ बनने की कोई डेडलाइन नहीं होनी चाहिए,” जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिवार नियोजन के व्यक्तिगत निर्णयों का सम्मान होना चाहिए। यह बयान Adgully.com ने रिपोर्ट किया, जिसमें इस मुद्दे पर सार्वजनिक हस्तियों के बढ़ते एकजुटता को उजागर किया गया।
यह पहल ऑनलाइन शिष्टाचार और गर्भावस्था के आसपास सहायक संवाद को बढ़ावा देने के लिए व्यापक चर्चा को प्रेरित करना चाहती है, जिससे प्लेटफ़ॉर्म और उपयोगकर्ता दोनों ही उत्पीड़न को रोककर सहानुभूति को बढ़ावा दें।
ऐसे ट्रोलिंग में अक्सर शरीर की आलोचना, अनावश्यक दबाव और यह मान्यता शामिल होती है कि माँ बनने की कोई निश्चित समय सीमा होनी चाहिए, जिसे सितारों ने डिजिटल दुरुपयोग कहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह तनाव महिलाओं के संवेदनशील चरण में अनावश्यक बोझ बनता है।
उनके संदेशों में बार‑बार कहा गया, “माँ बनने की कोई डेडलाइन नहीं होनी चाहिए,” जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिवार नियोजन के व्यक्तिगत निर्णयों का सम्मान होना चाहिए। यह बयान Adgully.com ने रिपोर्ट किया, जिसमें इस मुद्दे पर सार्वजनिक हस्तियों के बढ़ते एकजुटता को उजागर किया गया।
यह पहल ऑनलाइन शिष्टाचार और गर्भावस्था के आसपास सहायक संवाद को बढ़ावा देने के लिए व्यापक चर्चा को प्रेरित करना चाहती है, जिससे प्लेटफ़ॉर्म और उपयोगकर्ता दोनों ही उत्पीड़न को रोककर सहानुभूति को बढ़ावा दें।