📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
शिक्षा
सीबीआई ने 14वें NEET‑UG पेपर लीक के आरोपी पर चार्जशीट दायर की
✍️ Tripuratimes
🗓 15 अक्टू. 2026, 09:02 AM
👁 26
केंद्रीय जांच एजेंसी ने 14वें NEET‑UG परीक्षा पेपर के लीक में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ औपचारिक चार्जशीट दायर की, जिससे जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने दिल्ली कोर्ट में 14वें नेशनल एलीजिबिलिटी cum एंट्रेंस टेस्ट (NEET‑UG) पेपर लीक में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। यह कार्रवाई परीक्षा पेपर वितरण में अनियमितताएं उजागर होने के बाद शुरू हुई कई महीनों की जांच के बाद ली गई।
चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपियों ने निर्धारित परीक्षा तिथि से पहले गोपनीय प्रश्नपत्र प्राप्त किया और उसे संभावित उम्मीदवारों तक पहुंचाने की कोशिश की, जिससे भारतीय दंड संहिता और NEET नियमों का उल्लंघन हुआ। दस्तावेज़ में आरोपियों के नाम, उनके भूमिकाएँ और एजेंसी द्वारा जुटाए गए सबूतों का विवरण दिया गया है।
इस लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रभावित पेपर को रद्द कर सभी अभ्यर्थियों के लिए नया परीक्षा आयोजित किया, जिससे मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई। CBI की कार्रवाई परीक्षा धोखाधड़ी पर शून्य‑सहनशीलता और राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के संकल्प को दर्शाती है।
अब कानूनी कार्यवाही शुरू हो गई है, और आरोपियों को कोर्ट में पेश होकर अपने आरोपों का जवाब देना होगा। अधिकारियों ने भविष्य में किसी भी प्रकार की परीक्षा में हेरफेर करने पर कड़ी सज़ा मिलने की चेतावनी भी दी है।
चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपियों ने निर्धारित परीक्षा तिथि से पहले गोपनीय प्रश्नपत्र प्राप्त किया और उसे संभावित उम्मीदवारों तक पहुंचाने की कोशिश की, जिससे भारतीय दंड संहिता और NEET नियमों का उल्लंघन हुआ। दस्तावेज़ में आरोपियों के नाम, उनके भूमिकाएँ और एजेंसी द्वारा जुटाए गए सबूतों का विवरण दिया गया है।
इस लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रभावित पेपर को रद्द कर सभी अभ्यर्थियों के लिए नया परीक्षा आयोजित किया, जिससे मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई। CBI की कार्रवाई परीक्षा धोखाधड़ी पर शून्य‑सहनशीलता और राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के संकल्प को दर्शाती है।
अब कानूनी कार्यवाही शुरू हो गई है, और आरोपियों को कोर्ट में पेश होकर अपने आरोपों का जवाब देना होगा। अधिकारियों ने भविष्य में किसी भी प्रकार की परीक्षा में हेरफेर करने पर कड़ी सज़ा मिलने की चेतावनी भी दी है।