Politics
चुनाव आयोग में फॉर्म-6 पर मतभेद की खबरों के बीच EC सूत्रों का दावा- SIR के आदेशों पर थी सर्वसम्मति
फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बीच आयोग से जुड़े सूत्रों ने बड़ा दावा किया है. सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई राज्यों के पुनरीक्षण आदेशों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी.
नए वोटर्स के लिए फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बीच अब आयोग से जुड़े सूत्रों ने एक बड़ा दावा किया है. इन सूत्रों के अनुसार, यह विवाद केवल एक फॉर्म को लेकर है, जबकि अन्य सभी महत्वपूर्ण निर्णयों पर आयोग के सदस्यों के बीच पूर्ण सहमति थी.
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के साथ दोनों चुनाव आयुक्तों (EC) ने मिलकर बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण, असम में संक्षिप्त पुनरीक्षण समेत देश के 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के विशेष गहन पुनरीक्षण आदेशों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी. इसके अतिरिक्त, 19 अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के विशेष गहन पुनरीक्षण आदेशों को भी सर्वसम्मति से ही अंतिम रूप दिया गया था.
यह दावा ऐसे समय में आया है जब फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की अनिवार्यता को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरें सामने आई थीं. सूत्रों का कहना है कि SIR (Systematic Voter's Education and Electoral Participation) के तहत जारी किए गए इन आदेशों पर सभी की सहमति थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आयोग के कामकाज में कोई बड़ी असहमति नहीं थी.
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के साथ दोनों चुनाव आयुक्तों (EC) ने मिलकर बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण, असम में संक्षिप्त पुनरीक्षण समेत देश के 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के विशेष गहन पुनरीक्षण आदेशों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी. इसके अतिरिक्त, 19 अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के विशेष गहन पुनरीक्षण आदेशों को भी सर्वसम्मति से ही अंतिम रूप दिया गया था.
यह दावा ऐसे समय में आया है जब फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की अनिवार्यता को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरें सामने आई थीं. सूत्रों का कहना है कि SIR (Systematic Voter's Education and Electoral Participation) के तहत जारी किए गए इन आदेशों पर सभी की सहमति थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आयोग के कामकाज में कोई बड़ी असहमति नहीं थी.