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23 अक्टू. 2026•
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चामोर्शी उपजिला अस्पताल में माता और नवजात की मृत्यु के मामले की निष्पक्ष जांच हो; दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग

✍️ रिपोर्टर: DR:PINTU PAUL 🗓 23 अक्टू. 2026, 11:36 AM 👁 21
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चामोर्शी उपजिला अस्पताल में माता और नवजात की मृत्यु के मामले की निष्पक्ष जांच हो; दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग

चामोर्शी उपजिला अस्पताल में माता और नवजात की मृत्यु के मामले की निष्पक्ष जांच हो; दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग

गडचिरोली : महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले के चामोर्शी स्थित उपजिला अस्पताल में 23 अगस्त 2026 को 21 वर्षीय गर्भवती महिला जिजा हंसराज सातर और उसके नवजात शिशु की मृत्यु की दुखद घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर मृतका के परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए थे।

घटना को समय बीत जाने के बावजूद, संबंधित डॉक्टरों की कथित अनुपस्थिति का वास्तविक कारण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई जांच की वर्तमान स्थिति तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आना आवश्यक है।

स्वास्थ्य विभाग जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे

स्वास्थ्य विभाग इस मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करे। घटना के दिन अस्पताल में नियुक्त डॉक्टर उपस्थित थे या नहीं, गर्भवती महिला को समय पर उपचार मिला या नहीं, उपचार प्रक्रिया में कोई लापरवाही हुई या नहीं तथा घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

यदि जांच में किसी डॉक्टर, अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध लागू कानूनों और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग

ग्रामीण एवं उपजिला अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति, आपातकालीन प्रसूति सेवाएं, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य प्रशासन ठोस कदम उठाए।

जिजा हंसराज सातर और उसके नवजात शिशु की मृत्यु के मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना, जिम्मेदारी तय करना और दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करना आवश्यक है। इस मामले में जांच की स्थिति और की गई कार्रवाई के संबंध में स्वास्थ्य विभाग आधिकारिक बयान जारी करे।

जारीकर्ता : प्रेस में प्रकाशन हेतु।
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