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सीएजी ने मिज़ोरम के अनुपस्थित कॉलेज प्रोफ़ेसर को 2.02 करोड़ रुपये वेतन देने को चिह्नित किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Coolcolney
शिक्षा

सीएजी ने मिज़ोरम के अनुपस्थित कॉलेज प्रोफ़ेसर को 2.02 करोड़ रुपये वेतन देने को चिह्नित किया

✍️ The Times of India 🗓 01 सित. 2026, 05:37 AM 👁 49
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कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने मिज़ोरम के एक कॉलेज प्रोफ़ेसर को अनुपस्थित रहने के बावजूद 2.02 करोड़ रुपये का वेतन देने को अनियमित बताया है, जैसा कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने रिपोर्ट किया।

कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने यह उजागर किया है कि मिज़ोरम के एक कॉलेज प्रोफ़ेसर को उसकी अनुपस्थिति के बावजूद 2.02 करोड़ रुपये वेतन के रूप में भुगतान किया गया। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह लेन‑देन संस्थान के वित्तीय प्रबंधन में अनियमितता दर्शाता है।

CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोफ़ेसर ने न तो पढ़ाने का काम किया और न ही किसी संबंधित जिम्मेदारी को निभाया, फिर भी वेतन जारी किया गया, जिससे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का सवाल उठता है। इस लेन‑देन को आगे की जांच और संभावित सुधारात्मक कार्रवाई के लिए चिह्नित किया गया है।

राज्य की शिक्षा प्राधिकरणों से इस मामले की जाँच करने और वेतन वितरण को स्थापित नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। CAG द्वारा इस घटना को उजागर करना उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

स्रोत लेख में प्रोफ़ेसर का नाम, कॉलेज या भुगतान की अवधि के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है।
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